22 July 2024

NEWSTODAYJ : राजधानी राँची में देश के प्रधानमंत्री (Prime minister) नरेंद्र मोदी की गाड़ी के आगे अचानक आ जाने वाली महिला संगीता झा के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।उसके बाद महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।एसआई विनोद कुमार पासवान के बयान पर कोतवाली थाना में महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।कांड संख्या 385/23 धारा-186,283,341और 353 के तहत मामला दर्ज हुआ है।महिला पुलिस पदाधिकारियों के द्वारा महिला से कई घण्टे पूछताछ की गई।उसके बाद आरोपी महिला संगीता झा को जेल भेजा गया है।मालूम हो कि राजधानी राँची में पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई थी। 15 नवम्बर की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजभवन से बिरसा संग्रहालय जा रहे थे उसी दौरन रेडियम रोड में गार्डेन फ्रेश दुकान के ठीक सामने अचानक संगीता झा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाड़ी के आगे आ गयी। फौरन एसपीजी के तेज तर्रार जवान लाल रंग की शॉल ओढ़े महिला को गाड़ी के सामने से हटा दिया था। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था।महिला प्रधानमंत्री से मिलने को बेताब थी।इधर इस मामले में कार्रवाई करते हुए बुधवार रात ही मौके पर तैनात एक एएसआई अबु जफर, एक हवलदार छोटेलाल टुडू और एक सिपाही रंजन कुमार को एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने सस्पेंड कर दिया था। महिला को हिरासत में लेने के बाद उससे कड़ाई से पूछताछ की गई। उसके बैकग्राउंड के बारे में भी राँची पुलिस ने पूरी जानकारी इकट्ठा की।बताया जाता है कि महिला का अपने पति से विवाद चल रहा है।महिला के पति भी पुलिस के जवान है।दोनों में कई महीनों से विवाद चल रहा है। वह प्रधानमंत्री से मुलाकात करने दिल्ली भी गई थी। 15 नवंबर को जब उसे जानकारी मिली कि प्रधानमंत्री रेडियम रोड से होकर गुजरने वाले हैं तब वो दौड़ कर उनके काफिले में घुस गई।इधर प्रधानमंत्री के गाड़ी रोकने को लेकर भाजपा के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।प्रधानमंत्री के सुरक्षा में चूक को लेकर राँची सांसद संजय सेठ ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सांसद श्री सेठ ने कहा कि यह सामान्य मामला नहीं है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक गंभीर विषय है। किसी महिला का सीधे प्रधानमंत्री के गाड़ी के सामने आ जाना, यह सरकार की चूक है। आखिर कैसे चाक चौबंद सुरक्षा के बीच कोई महिला पीएम की गाड़ी के आगे आ जाती है। इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। मामला चाहे जो भी हो, महिला कोई भी हो, बात पीएम की सुरक्षा का है। यह विशेष सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यह विशुद्ध रूप से सरकारी और प्रशासनिक लापरवाही है। सांसद श्री सेठ ने कहा कि सरकार को इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए कि आखिर क्यों प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई। दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह के घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो।इधर भाजपा के विधायक सह विपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।एनआईए से जांच की मांग की है।सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा है कि:हादसा, संयोग या प्रयोग?झारखंड में एक ओर कुंठित मानसिकता वाले कांग्रेसी लगातार प्रधानमंत्री जी के दौरे को लेकर अनाप – शनाप – आग उगल रहे हैं, और अब अचानक से प्रधानमंत्री जी के गाड़ी के समक्ष एक महिला दौड़कर आ जाती है.मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस बेहद ही गंभीर मामले पर “महिला मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं थी” कह कर लीपा पोती कर दिया.इस से पूर्व पंजाब की कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का कुंठित प्रयास किया था।राज्य सरकार महज खानापूर्ति ना कर उच्च स्तरीय कमेटी से मामले की जांच करवाएं साथ ही @NIA_India भी इस मामले की जांच करें.

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