Political news:पीएम ने किया बड़ा ऐलान , सरकार तीनों कृषि कानून को वापस लेगी

0

NEWSTODAYJ_Political:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देशवासियों को संबोधित करते हुए शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया और कहा कि उनकी सरकार तीनों कृषि कानून (Three Farm Laws) को वापस लेगी और आगामी संसद सत्र (Parliament Session) में इस बारे में जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. केंद्र सरकार इसके लिए कमेटी का गठन करेगी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लाख जतन के बावजूद किसानों के धड़े (Farmers Protest) को समझा नहीं पाई और देशवासियों से क्षमा मांगता हूं कि हमारे ही प्रयासों में कोई कमी रही होगी. पीएम ने प्रदर्शनकारी किसानों से कहा कि गुरुपर्व के मौके पर आप अपने घर और खेत पर लौटे.

यह भी पढ़े…Political news:आसमान छूती महंगाई और रोज़मर्रा की जरूरत के सामानों की बढ़ती कीमतों ने लोगों का जीना किया दुभर:राजेश ठाकुर

Capture 2021-07-28 22.36.12
Capture 2021-08-17 12.13.14 (1)
Capture 2021-08-06 12.06.41
Capture 2021-08-19 12.34.03
Capture 2021-07-29 11.29.19
Capture 2021-08-17 14.20.15 (1)
Capture 2021-08-10 13.15.36
Capture 2021-08-05 11.23.53
Capture 2021-09-09 09.03.26
Capture 2021-09-16 12.44.06

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘किसानों की स्थिति सुधारने के महाअभियान में तीन कृषि कानून लाए गए थे. मकसद ये था कि छोटे किसानों को और ताकत मिले और उन्हें उपज का सही दाम मिले. बरसों से ये मांग, देश के कृषि विशेषज्ञ, संगठन और वैज्ञानिक कर रहे थे. पहले भी कई सरकारों ने मंथन किया था. इस बार भी संसद में चर्चा हुई और कानून लाएंगे. देश के कोने-कोने में कोटि-कोटि किसान संगठनों ने स्वागत किया और समर्थन किया. मैं आज उन सभी का समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं.’

 

पीएम ने कहा कि ‘हमारी सरकार खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए गांव-गरीब के उज्जवल भविष्य के लिए पूरी सत्य निष्ठा से हमारी सरकार ये कानून लेकर आई है. हम अपने प्रयासों के बावजूद कुछ किसानों को समझा नहीं पाए भले ही किसानों का एक वर्ग ही विरोध कर रहा था. वैज्ञानिकों, कृषि कानून विशेषज्ञों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया. हमने किसानों की बातों और उनके तर्कों को समझने में भी कोई कोर कसर नहीं बाकी रखा. कानून के जिन प्रावधानों पर उन्हें ऐतराज था, उस पर भी बात की. मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए कहना चाहता हूं कि हम कुछ किसानों को समझा नहीं पाए.’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here