• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

Pleading with the government : प्राइवेट स्कूलों के टीचर्स की हालत खराब , घर-परिवार चलाने में हो रही परेशानी , सरकार से मदद की गुहार…

1 min read

Pleading with the government : प्राइवेट स्कूलों के टीचर्स की हालत खराब , घर-परिवार चलाने में हो रही परेशानी , सरकार से मदद की गुहार…

NEWSTODAYJ रांची : कोरोना काल में हर बिजनेस प्रभावित हुआ है। छोटे स्तर का व्यापार हो या नेशनल-मल्टीनेशनल बिजनेस सभी पर गहरा असर पड़ा है। ऐसे में शिक्षा जगत भी इससे कैसे अछूता रह सकता था। भले कुछ स्कूलों ने ऑनलाइन स्टडी का ऑप्शन ढूंढ निकाला और बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी। इन स्कूलों ने फीस के रूप में इनकम भी किया।

यह भी पढ़े..Road shabby : सड़क जर्जर होने के कारण गिट्टी लदा ट्रक फंसा , कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती , जिला प्रशासन मौन…

लेकिन गलियों और कॉलोनियों में चल रहे यू डायस कोड वाले गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को इस महामारी काल में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इन शिक्षकों की आर्थिक परेशानी जब हद से ज्यादा बढ़ने लगी तो शिक्षकों ने अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन का रास्ता चुन लिया है।इन स्कूलों के शिक्षकों का कहना है।

यह भी पढ़े…LIVE VIDEO : पैसा लूटने का प्रयास…CCTV कैमरे में पूरा घटना हुई कैद ,लोग मुक़दर्शक बने रहें (देखें विडियो)…

कि बडे़-बडे़ प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स स्कूल में फीस जमा कर देते हैं। लेकिन हमारे यहां पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स स्कूल फीस ही जमा नहीं कर रहे। मार्च महीने से बच्चों के अभिभावकों ने फीस जमा नहीं की है, जिससे स्कूल के शिक्षकों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। शिक्षक के साथ ननटीचिंग स्टॉफ को भी पेमेंट देने में दिक्कत हो रही है। उनके भी परिवार हैं।

यह भी पढ़े…Road accident : अज्ञात वाहन के चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत , ग्रमीणों ने सड़क जाम किया…

उन्हें भी कोरोना काल में सरवाईव करना है। सैलरी ही नहीं मिलेगी तो ये शिक्षक कैसे अपना घर-परिवार चलाएंगे। छह महीने में स्कूल की हालत चरमरा गई है। ऐसे स्कूलों के शिक्षकों की डिमांड है कि सरकार उनकी आर्थिक मदद करे इस महामारी के बीच ये लोग अपनी आजीविका चला सकें।राजधानी रांची में गैर मान्यता प्राप्त लगभग 1600 स्कूल हैं।

यह भी पढ़े…Road accident : अज्ञात वाहन के चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत , ग्रमीणों ने सड़क जाम किया…

इन स्कूलों में टीचिंग और नन टीचिंग क्षेत्र में हजारों स्टाफ्स काम करते हैं। गलियों, मुहल्लों, कॉलोनियों में ये स्कूल चल रहे हैं। स्कूल में ज्यादातर गरीब और मिडिल क्लास फैमिली के बच्चे स्टडी करने जाते हैं। इस वजह से फीस लेने में परेशानी हो रही है। यहां पढ़ाने वाले टीचर्स का कहना है कि ऑनलाइन क्लास इन स्कूलों में भी शुरू की गई है, लेकिन न तो स्टूडेंट्स और न ही उनके पेरेंट्स इसे सीरियस लेते हैं।

यह भी पढ़े…Girl child rescue : सूरत से 20 बच्चियों को रेस्क्यू कर झारखंड लाया गया एक युवती को गिरफ्तार…

न ही बच्चों के अभिभावक फीस जमा कर रहे हैं। गरीब होने की वजह से स्कूल मैनेजमेंट की ओर से भी अभिभावकों पर ज्यादा दबाव नहीं बनाया जाता है।कोरोना काल में यू डायस कोड वाले गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों की हालत खराब हो गई है। यहां शिक्षकों के सामने अब भुखमरी की समस्या आ गई है। आधा साल गुजर चुका है।

यह भी पढ़े…Girl child rescue : सूरत से 20 बच्चियों को रेस्क्यू कर झारखंड लाया गया एक युवती को गिरफ्तार…

लेकिन कमाई कुछ नहीं और खर्चा जस का तस बना हुआ है। ऐसे में सरकार को हम शिक्षकों की मदद करनी चाहिए।लगभग छह महीने से स्कूल बंद हैं। इस दौरान फीस जमा नहीं हो रही है, जिससे शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा है। अत: कोरोना काल तक कम से कम सरकार की ओर से हम लोगों को भी आर्थिक मदद मिले, ताकि हमारा जीवन यापन भी चल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published.