Health department: अगर खुश रहना चाहते हैं तो मस्तिष्क मैं मौजूद डोपामाइन बढ़ाएं, जाने तरीके……

Health department: अगर खुश रहना चाहते हैं तो मस्तिष्क मैं मौजूद डोपामाइन बढ़ाएं, जाने तरीके……

NEWSTODAYJ_health department:हमारी बॉडी में कुछ ऐसे हॉर्मोंस होते हैं जो हमें खुश और सकारात्‍मक रखने के लिए जिम्‍मेदार होते हैं. सरल भाषा में कहें तो दरअसल डोपामाइन (Dopamine) एक ऐसा कैमिकल मैसेंजर है जो दिमाग (Brain) को कई अच्‍छी चीजें करने के लिए मोटिवेट करता हैं. जब ब्रेन में बड़ी संख्‍या में डोपामाइन कैमिकल रिलीज होता है तो कई सकारात्‍मक भावनाएं जैसे प्रेरणा, यादें, खुशी और सुकून आदि मन में पैदा होती हैं.

वहीं जब कम संख्‍या में ये कैमिकल रिलीज होता है तो लोगों में निराशा जैसे बिहेवियर देखने को मिलते हैं. हालांकि इसका घटना या बढ़ना पूरी तरह से मानव मस्तिष्क और न्यूरोट्रांसमीटर बैंड्स पर डिपेंड करता है लेकिन कुछ नेचुरल तरीके हैं जिन्‍हें आजमा कर इसे किसी हद तक बढ़ाया जा सकता है. तो अगर आप खुद को सकारात्‍मक और खुश रखना चाहते हैं तो इन बातों को अपना सकते हैं.

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1.प्रोटीन का भरपूर प्रयोग 

हेल्‍थलाइन के मुताबिक, दरअसल प्रोटीन में 23 टाइप के अमिनो एसिड पाए जाते हैं जिनमें से कुछ अमिनो एसिड शरीर में डोपामाइन कैमिकल को बनाने का काम करती हैं. एक शोध में पाया गया कि प्रोटीन रिच फूड में मौजूद इन अमिनो एसिड की वजह से ब्रेन में डोपामाइन लेवल तेजी से बढ़ा जिससे डीप थिंकिंग और मेमोरी पावर भी तेजी से इंप्रूव हुई.

 

2.कम से कम सैचुरेटेड फैट का करें प्रयोग

कुछ शोधों में पाया गया है कि सैचुरेटेड फैट जैसे एनिमल फैट, बटर, फुल फैट डेयरी, पाम ऑयल, कोकोनट ऑयल के अत्‍यधिक सेवन से ब्रेन में डोपामाइन लेवल कम हो जाता है. ऐसे में जहां तक हो सके भोजन में सैचुरेटेड फैट का कम से कम प्रयोग करें.

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3.प्रोबायोटिक का करें प्रयोग

वैज्ञानिकों ने पाया है कि आंतों का ब्रेन से गहरा संबंध होता है. ऐसे में आंतों का हेल्‍दी होना बहुत जरूरी है. दरअसल आंतों में अगर गुड बैक्‍टीरिया हेल्‍दी रहते हैं तो यह ब्रेन में डोपामाइन लेवल को बढाने में मदद करते हैं. जिसका असर मूड और बिहेवियर पर पड़ता है. ऐसे में प्रोबोयोटिक प्रोडक्‍ट का सेवन जरूरी है.

 

4.एक्‍सरसाइज करें

एक शोध में पाया गया कि एक सप्‍ताह में 6 दिन एक एक घंटे रोज योगा किया जाए तो इसका असर डोपामाइन लेवल पर पड़ता है इसका असर पार्किंसन जैसी बीमारियों पर भी पड़ता है जो दरअसल ब्रेन में डोपामाइन लेवल कम होने की वजह से होता है. इस तरह कहा जा सकता है कि अगर आप रेग्‍युलर व्‍यायाम करें तो यह आपके मूड को अच्‍छा रखने के साथ में कई बीमारियों को दूर रखता है.

 

5.पर्याप्‍त नींद जरूरी

नींद की कमी ब्रेन के इस कैमिकल को डायरेक्‍ट प्रभावित करता है. पर्याप्‍त नींद के अभाव में बॉडी का नेचुरल डोपामाइन रिदम डिस्‍टर्ब होता है और आप कई साइकोलोजिकल डिजीज से घिर जाते हैं इसलिए रोज पर्याप्‍त नींद जरूर लें.

 

6. म्‍यूजिक और मेडिटेशन

एक शोध में पाया गया कि म्‍यूजिक सुनने से लोगों के ब्रेन में 9 प्रतिशत डोपामाइन इंक्रीज हुआ जबकि एक अन्‍य शोध मे पाया गया कि एक घंटा मेडिटेशन से 64 प्रतिशत डोपामाइन में बढ़ोतरी हुई. ऐसे में अपने जीवन में म्‍यूजिक और योग को शामिल करें.

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7.सनलाइट जरूरी

अगर आप डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं और नकारात्‍मक भावनाओं से परेशान हैं तो घर के अंदर रहने की बजाए बाहर निकलें और थोड़ा सनलाइट में रहें. आपको अंतर महसूस होगा. दरअसल सनलाइट का एक्‍सपोजर हमारे शरीर में मौजूद डोपामाइन को बूस्‍ट करता है

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