Festival:मकर संक्रांति पर जानिए इसकी धार्मिक मान्यता,क्यों तिल का सेवन करना होता है महत्वपूर्ण

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NEWSTODAYJ_Festival:धार्मिक मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण में जाता है. इस पर्व को देश के अलग अलग हिस्सों में मनाया जाता है. संक्राति के पर्व को तमिलनाडु में पोंगल, केरल में मकर विलक्कू, कर्नाटक में ‘एलु बिरोधु’, गुजरात में उत्तरायण, पंजाब में माघी तथा लोहड़ी, बिहार में तिल संक्रांत या दही चूड़ा , उत्तर भारत में मकर संक्रांति तथा असम में माघ बिहू या भोगली बिहू के रूप में मनाया जाता है.

 

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आंध्र प्रदेश में भी यह पर्व तीन दिनों तक मनाया जाता है.लेकिन राज्य चाहे कोई भी हो इस पर्व पर बनाए जाने वाले आहार में तिल, गुड़, दाल, चावल तथा सूखे मेवों का उपयोग किया जाता है जो सर्दी के मौसम में न सिर्फ शरीर को गर्मी देते हैं बल्कि सेहत को कई अन्य फायदे भी देते हैं.पोषण विशेषज्ञ डॉ दिव्या शर्मा बताती हैं संक्रांत के पर्व पर देश के ज्यादातर हिस्सों में कम या ज्यादा सर्दी होती है. ऐसे में इस पर्व पर बनाया तथा खाया जाने वाला आहार न सिर्फ शरीर को प्राकृतिक गर्मी प्रदान करता है बल्कि शरीर पर मौसम के प्रभाव जैसे संक्रमण के खतरे, आलस तथा ऊर्जा में कमी आदि को भी कम करता है. हमारे विशेषज्ञ के अनुसार संक्रांति के पर्व पर खाए जाने वाले खाध्य पदार्थों के पोषक तत्व तथा शरीर के लिए फायदे इस प्रकार हैं.

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तिल

डॉ दिव्या बताती हैं कि तिल में डाइटरी प्रोटीन और अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो हड्डियों तथा मांसपेशियों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इसकी तासीर गर्म होती है तथा इसमें सेसमिन नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है. इसके अलावा तिल में फाइबर, मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, जिंक, सेलेनियम, बी कांपलेक्स सहित काफी मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं. तिल सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है क्योंकि यह शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ाता है और बुरे कोलेस्ट्रोल को कम करता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है. इसके अतिरिक्त तिल को भूख बढाने वाला आहार भी माना जाता है. तिल दो तरह के होते हैं सफेद और काले, दोनों ही सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. विशेष तौर पर गुड़ के साथ तिल का सेवन काफी फायदेमंद होता है।

 

गुड़

गुड़ को सेहत का खजाना माना जाता है. विशेषतौर पर सर्दियों में इसका सेवन शरीर को काफी फायदा पहुंचाता है क्योंकि इसकी तासीर काफी गर्म होती है. गुड में विटामिन, आयरन और खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर को अंदरूनी पोषण प्रदान करने के साथ ही खून की कमी को भी दूर करते हैं. यह पाचनतंत्र के लिये भी अच्छा होता है तथा गले व फ़ेफ़ड़ों के संक्रमणों में भी फायदा पहुंचाता हैं. जो सर्दी के मौसम में आम होते हैं। इसके अलावा गुड़ में ऐसे मिनरल तत्व भी पाये जाते हैं, जो शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली तथा मेटाबोलिज़्म को मजबूत करने में भी काफी मददगार होता है.

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मूंगफली

गर्म तासीर वाली मूंगफली सर्दी के इस मौसम में ना सिर्फ शरीर को अंदरूनी तौर पर गर्मी प्रदान करती है बल्कि इसमें पाया जाने वाला प्राकृतिक तेल तथा अन्य पोषक तत्व शरीर को पोषण प्रदान करते हैं. मूंगफली में विटामिन, मिनरल्स, न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है. इसमें विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, नियाचिन, रिबोफ्लेविन, थियामिन, विटामिन बी6, विटामिन बी9 और पेंटोथेनिक एसिड होता है. मूंगफली के सेवन से कब्ज सहित अन्य पाचन संबंधी समस्यायों में भी राहत मिलती है. इसका सेवन महिलाओं के लिए भी अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह प्रजनन शक्ति को बेहतर बनाने में मदद करता है. गुड़ के साथ मूंगफली का सेवन उसके पोषण को दोगुना कर देता है.

 

खिचड़ी

संक्रांति के अवसर पर आमतौर पर मूंग दाल या उड़द दाल की खिचड़ी बनती है. दालों, चावल तथा सब्जियों से बनी खिचड़ी में प्रोटीन, वसा ,आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन, मिनरल तथा फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ ही शरीर को पोषण भी प्रदान करती हैं. यह पोषक और सुपाच्य होती है और पेट के लिये फ़ायदेमंद रहती है. इसमें डाला जाने वाला घी उर्ज़ा देने के साथ साथ जोड़ों के दर्द में भी आराम देता है.

 

घी

संक्रांति के दिन अधिकांश लोग घी में बने व्यंजनों विशेषकर खिचड़ी, लड्डू तथा मिठाइयों का सेवन करते हैं. आमतौर पर माना जाता है कि घी या तेल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं लेकिन संतुलित मात्रा में घी का इस्तेमाल हमेशा ही शरीर को फायदा पहुंचाता है. दरअसल घी विटामिन ए डी के, के मुख्य स्त्रोतों में से होता है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली और चयापचय यानी मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में मदद करता है

 

खजूर

संक्रांत पर बनने वाली मिठाइयों में खजूर का भी काफी उपयोग होता है. खजूर पोटेशियम का विशेष स्रोत होता है जो शरीर के रक्तचाप को बनाए रखने में मदद करता है साथ ही शरीर को ऊर्जा तथा अतिरिक्त बल भी प्रदान करता है. इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम आदि पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं

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