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Dhanbad News : विप्र सेना की महिला इकाई द्वारा आयोजित राधा कृष्ण बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता में नन्हे नन्हे बच्चों ने दिखाए जोहर

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NEWSTODAYJ : बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती। जब जरूरत होती है उनके प्रतिभा को एक उचित मंच उपलब्ध कराने का। जैसे ही मंच मिल जाता है, उनकी कलाकारी खुद ब खुद समाने आने लगती है। कुछ ऐसा ही पल रविवार को यूनियन क्लब में उस समय देखने को मिला, जब जिला विप्र सेना की महिला इकाई द्वारा आयोजित राधा कृष्ण बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने जौहर दिखाए।तीन आयु वर्गाें में आयोजित इस प्रतियोगिता में दो साल से लेकर चौदह साल के बालक और बालिकाओं ने कृष्ण रूप धर कर अपने कलाकारी से लोगों का मन खूब मोहा। लोग बच्चो के वस्त्र विन्यास से लेकर उनके केश विन्यास तक की चर्चा करने से नहीं चूक रहे थे। किसी को कृष्ण बने बच्चे की बांसुरी पकड़ने की अदा प्रभावित कर रही थी, तो किसी को वस्त्रों के चयन आकर्षित कर रहे थे। वहीं कृष्ण भक्ति से जुड़े गानों को अपने नटखट अंदाज में प्रस्तुत कर बच्चों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी किया।वहीं आयोजन से जुड़ी विप्र सेना महिला प्रकोष्ठ की जिला संयोजिका नीतू तिवारी ने बताया कि बच्चों की प्रस्तुति से इस आयोजन का उद्देश्य लगभग पूरा होता दिख रहा है। बच्चों ने जिस तरह से कार्यक्रम के थीम को जीवंत किया है।

 

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उससे लगता है कि उनमें भारतीयता के प्रति गहरी प्रेम तो हैं ही, साथ ही समझ भी एक हद तक विकसित हो चुकी है। ऐसे में हमारी सभ्यता और संस्कृति आनेवाली पीढ़ी में सही तरीके से हस्तांतरित होगी, इसमें कोई शक नहीं हैतिवारी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के साथ उनके अभिभावकों में भारतीय समाज के संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिज्ञासा बढ़ाना था। ताकि इसके प्रति लोगों की जागरूकता बढ़े। कृष्ण की बाल लीलाओं को आधार बना कर आज इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता सभी समाज के लोगों के लिए खुली हुई थी और इसमें प्रवेश निशुल्क था। तीन ग्रुपाें मे विभाजित इस प्रतियोगिता के पहले ग्रुप में 2 से 6 वर्ष, दूसरे ग्रुप में 7 से 10 वर्ष, तीसरे ग्रुप में 11 से 14 वर्ष के प्रतिभागियों ने भाग लिया। भागा ले सकेंगे। रजिस्ट्रेशन का कोई शुल्क नहीं है।

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