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Dhanbad News : डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जन्मतिथि रूपी मनाया जाता शिक्षक दिवस

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NEWSTODAYJ : देश और समाज की रीढ़ माने-जाने वाले शिक्षक व गुरुओं को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जन्मतिथि रूपी शिक्षक दिवस पर नमन है। जो समाज को सभ्य और शिक्षित बनाने की जिम्मेवारी संभाले हुए है। इन शिक्षकों को आए दिन कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन, वह अपने पथ से विचलित नहीं होते और समाज को मजबूत बनाने में निरंतर जूटे रहते है।एक शिक्षित समाज के सार्थक रूप को गढ़ने में शिक्षकों का अभूतपूर्व योगदान होता है। सरकार कितनी भी कोशिश कर ले परंतु बच्चों को सही दिशा और जानकारी देने मे शिक्षकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। आज शिक्षक दिवस के अवसर पर हम अपने पूजनीय और आदरणीय गुरुओं को नमन करते हैं।

 

 

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वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से उबरने के बाद शिक्षकों के चेहरे पर थोड़ी संतोष देखी जा रही है। क्योंकि महामारी के दौरान झारखंड सहित पूरे देश में शिक्षकों की आर्थिक हालत बदहाल हो गई थी। लेकिन विपरीत परिस्थिति में भी शिक्षक अपने पथ पर अडिग रहें।शिक्षक दिवस के अवसर पर ट्यूशन टीचर गणेश सिंह ने बताया कि उनके दादा-पिता भी शिक्षक थे और वह भी टीचर है। अपने जीवन काल में उन लोगों ने सैकड़ों बच्चों को शिक्षित किया है। जिनमें गरीब-अमीर बच्चे-बच्चियां शामिल है। आज वह बच्चे बड़े हो चुके हैं और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त है। ऐसे में वह अपनी मेहनत का प्रतिफल उन बच्चों को ही मानते हैं और यह देखकर उन्हें काफी संतोष होता है।साथ ही आत्मविश्वास भी बढ़ता है कि समाज में वह एक जिम्मेवारी भरा कार्य कर रहे हैं। वैश्विक महामारी में सरकार की ऊपेक्षा के बाद भी उन लोगों ने अपने शिक्षा-धर्म और समाज को शिक्षित करने का भार अपने कंधों पर ही लिए रखा। कुछ समय के लिए वह विचलित हुए, लेकिन उन्हें यह विश्वास था कि दुख है तो सुख जरूर आएगा। क्योंकि समय परिवर्तनशील होता है।

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