Dhanbad news:कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए:इस बार सिख समुदाय के लोगो ने वैशाखी पर्व को सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप मनाने का लिया निर्णय…

NEWSTODAYJ:धनबाद : कोयलांचल में सिख समुदाय वैशाखी पर्व को मनाने के लिए काफी दिनों से तैयारी कर रहे थे। परंतु वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गुरुद्वारा समिति ने इसे शांतिपूर्वक और सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप मनाने का निर्णय लिया है। कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कोयलांचल के प्रत्येक गुरुद्वारा में सादे तौर पर वैशाखी पर का आयोजन किया जाएगा मालूम हो कि वैसाखी परंपरागत रूप से सिख नव वर्ष रहा है। खालसा सम्बत के अनुसार, खालसा कैलेंडर का निर्माण खलसा -1 वैसाख 1756 विक्रमी (30 मार्च 16 99) के दिन से शुरू होता है। यह पूरे पंजाब क्षेत्र में मनाया जाता है।

सिख समुदाय नगर कीर्तन नामक जुलूस का आयोजन करते हैं। पांच खल्सा इसका नेतृत्व करते हैं, जो पंज-प्यारे के पहनावे में होते है और सड़कों पर जुलूस निकालते है।

वहीं वैसाखी पंजाब के लोगों के लिए फसल कटाई का त्योहार है। पंजाब में, वैसाखी रबी फसल के पकने का प्रतीक है। इस दिन किसानों द्वारा एक धन्यवाद दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिससे किसान, प्रचुर मात्रा में उपजी फसल के लिए ईश्वर का धन्यवाद करते हैं और भविष्य की समृद्धि के लिए भी प्रार्थना करते हैं। सिखों और पंजाबी हिंदुओं द्वारा फसल त्योहार मनाया जाता है।

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