• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

Dedicated Freight Corridor : रेल मंत्री ने नौ राज्यों मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उनसे ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ परियोजना में अड़चनों को दूर करने का आग्रह किया…

1 min read

Dedicated Freight Corridor : रेल मंत्री ने नौ राज्यों मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उनसे ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ परियोजना में अड़चनों को दूर करने का आग्रह किया…

NEWSTODAYJ नई दिल्ली : रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नौ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उनसे ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ (डीएफसी) परियोजना में अड़चनों को दूर करने का आग्रह किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परियोजना पर करीबी नजर रख रहे हैं।गोयल ने नौ मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में भूमि संबंधी मुद्दों, ग्रामीणों की मांगों और राज्य के अधिकारियों द्वारा धीमी गति से काम करने का मामला उठाया।

यह भी पढ़े…Bald smuggler arrested : पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी , 135 किलो गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार…

जिनसे 81,000 करोड़ रुपये की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना का काम प्रभावित हुआ है। इन राज्यों को लिखा गया पत्र रेल मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद गोयल ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्रों में कहा कि कैसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लंबे समय से लंबित मुद्दा बना हुआ है।

यह भी पढ़े…Smuggling racket : गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का खुलासा , 86 किलो से ज्यादा के वजन के सोने के बिस्किट जब्त, 8 आरोपी गिरफ्तार…

जिसका अभी तक समाधान नहीं हुआ है।देरी के पीछे की वजह क्या है रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव के अनुसार वर्तमान में दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर निर्माणाधीन हैं- पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) जो उत्तर प्रदेश से मुंबई तक और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) जो पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल के दानकुनी तक है और इन कॉरिडोर का काम दिसंबर 2021 तक पूरा किया जाना था।लेकिन अब इस तिथि को छह महीने आगे यानी जून 2022 तक बढ़ा दिया गया है।

यह भी पढ़े…Jamu&kasmir : मुठभेड़ में 3 आतंकवादी ढेर, एक पुलिसकर्मी शहीद…

उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण काम में व्यवधान के कारण देरी हुई।सीएम योगी से किया विशेष आग्रह मंत्री ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर उनके राज्य में आ रही अड़चनों का समाधान करने का आग्रह किया है। उत्तर प्रदेश में डीएफसी का दायरा एक हजार किलोमीटर से अधिक है।गोयल ने अपने पत्र में कहा, प्रधानमंत्री ने परियोजना की प्रगति की बारीकी से निगरानी की है। डीएफसी 1,000 किलोमीटर से अधिक उत्तर प्रदेश राज्य से होकर गुजरती है।हालांकि, भूमि अधिग्रहण और आरओबी निर्माण से संबंधित कुछ मुद्दे अभी भी कायम हैं

यह भी पढ़े…Mind matter : प्रधानमंत्री 68वां बार मन की बात आज करेंगे , जानिए क्या कुछ रहेगी खास…

, जिन्हें तत्काल हल करने की आवश्यकता है ताकि लक्षित समय के भीतर परियोजना का काम पूरा हो सके। रेल मंत्री ने पत्र में इन मुद्दों को किया रेखांकित रेल मंत्री ने रेलवे के सामने आ रही कुछ समस्याओं के बारे में बताया जिनमें पुलों पर लंबित सड़क (आरओबी), आंदोलन के कारण मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर जैसे क्षेत्रों में भूमि को कब्जे में लेने में बाधा, ग्रामीणों द्वारा मुआवजे और नौकरियों की मांग, उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा पट्टा किराए की अनुचित मांग और मिर्जापुर जिले में आरओबी के निर्माण को लेकर ग्रामीणों द्वारा विरोध आदि शामिल हैं।गोयल ने पत्रों में उन सभी मुद्दों को उठाया है जिनका राज्यों में विशिष्ट क्षेत्रों में रेलवे द्वारा सामना किया जा रहा हैं।गोयल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कहा, हालांकि विभिन्न जिलों में लंबित मध्यस्थता और भूमि के कब्जे में बाधाएं आदि में देरी से परियोजना के काम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

यह भी पढ़े…Dhanbad NEWS : कोरोना वारियर्स के तौर पर जान हथेली पर लेकर पत्रकारो ने सेवा दिया – रोटरी क्लब…

आप इस बात को समझेंगी कि परियोजना के काम को शुरू करने के लिए इन बाधाओं को दूर करना आवश्यक है। बिहार में निवेश होगा आकर्षित बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे अपने पत्र में, गोयल ने कहा कि राज्य परियोजना का एक प्रमुख लाभार्थी है, क्योंकि पूर्वी डीएफसी का 236 किलोमीटर दायरा गया, औरंगाबाद, कैमूर और रोहतास जिलों से होकर गुजर रहा है और आपके राज्य में निवेश को आकर्षित करने की संभावना है।इसी तरह हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों में, राज्य सरकारों द्वारा आरओबी के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी से परियोजना में विलंब हुआ है। रेलवे एक सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र के राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.