देवघर।

श्रावणी मेला में सवा सौ साल बाद इस बार बने हैं कई संयोग। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर……….

देवघर। विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला इस बार कई संयोग लेकर आया है। ज्योतिषियों के अनुसार लगभग सवा सौ साल बाद सावन माह में इस बार 17 जुलाई को पूर्णिमा व संक्रांति तिथि के अनुसार सावन शुरू हो रहा है। आज सूर्य प्रधान उत्तराषाढ़ नक्षत्र से सावन माह की शुरुआत होगी। वहीं आज वज्र और विष कुंभ योग का संयोग है। इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे। इसके अलावा रक्षा बंधन व स्वतंत्रता दिवस भी एक ही दिन होगा। एक अगस्त को हरियाली अमावस्या पर पंच महायोग का संयोग माना जा रहा है।
ज्योतिषियों के अनुसार, यह संयोग लगभग सवा सौ साल के बाद बन रहा है। देवघर के जानकार पुरोहितों में से एक पंडित संजय मिश्र ने बताया कि बहुत दिनों के बाद सावन में कई बड़े संयोग हैं। एक अगस्त को हरियाली अमावस्या पर पंच महायोग का संयोग है। यह लगभग सवा सौ साल बाद आ रहा है। इस दिन पहला सिद्धि योग, दूसरा शुभ योग, तीसरा गुरु पुष्यामृत योग, चौथा सर्वार्थसिद्धि योग और पांचवां अमृत सिद्धि योग का संयोग है। पंच महायोग के संयोग में कुल देवी-देवता तथा मां पार्वती की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही प्रकृति के हरे-भरे रहने की संभावना बनती है। इस बार नागपंचमी का शुभ दिन सोमवार पांच अगस्त को है। सोमवार व नाग पंचमी दोनों ही दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष दिन माना गया है। इसलिए इस बार नागपंचमी का विशेष महत्व होगा। पंडित जी ने बताया कि नागपंचमी के दिन चंद्र प्रधान हस्त नक्षत्र व त्रियोग का संयोग भी बन रहा है. सर्वार्थसिद्धि योग, सिद्धि योग एवं रवि योग में काल सर्प दोष निवारण के लिए पूजा करना फलदायी होगा।

NEWSTODAYJHARKHAND.COM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *