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विस्थापित किसानों को रोजगार में मिले प्राथमिकता : ललिता महतो…

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NEWSTODAYJ धनबाद : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड सिंदरी में जमीन  अधिग्रहण किए विस्थापित किसान के आश्रित को रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को आदर्श गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष ललिता महतो ने  हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के प्रबंधक ,उपायुक्त धनबाद , मुख्यमंत्री झारखंड सरकार, केंद्रीय उर्वरक मंत्री एवं भारत के प्रधानमंत्री को लिखित मांग पत्र सौंपा एवं गांव में रोजगार को लेकर आंदोलन की आह्वान किया।

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ललिता महतो ने कहा कि विस्थापित किसानों को रोजगार का संवैधानिक अधिकार है ।विस्थापित किसानों ने 1943 में  सिंदरी उर्वरक प्रतिष्ठान  को 6500 एकड़ जमीन नमक की भाव से  राष्ट्रहित एवं जनहित भावना से प्रेरित होकर किसानों ने रोजगार की आशा  संयोजे जमीन दान किया था  उक्त जमीन वर्तमान में एफसीआई प्रबंधन ने 695 एकड़ जमीन हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड कंपनी को एवं सेल को 304 एकड़ जमीन लीज में दिया है। जबकि एफसीआई प्रबंधक के  पास आज भी 12 सौ एकड़ जमीन किसानों से लिए गए जमीन परती पड़ा हुआ है।

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उर्वरक प्रतिष्ठान में उत्पादन से लेकर प्रतिष्ठान बंद किए 2002 से अबतक अमुमन 70 वर्षों तक किसान आज भी  रोजगार की दिशा में  उपेक्षित गरीब असहाय एवं टुअर महसूस कर रही हैं। हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड कंपनी खुलने से  किसान रोजगार की आश लगाए बैठे हैं। विस्थापित प्रभावित किसान पेट की भूख मिटाने के लिए  रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। किसान के परिवार  बाल बच्चों के भरण-पोषण करने के लिए अन्य राज्य पलायन करने को विवश है ।सिंदरी उर्वरक  प्रतिष्ठान  के प्रभावित किसानो की जीवन एक पहेली बनकर रह गई हैं। जिस किसानों के शोषण  से मुक्ति एवं  न्याय  अधिकार के लिए झारखंड अलग राज्य का गठन किया गया आज किसान अपनी अबुआ राज में अधिकार से वंचित हो रहे हैं जो न्याय संगत नहीं है। प्रभावित किसानों का जीवन भर शोषण ही होता रहा।  सिंदरी उर्वरक प्रतिष्ठान के प्रभावित किसान निरह गरीब किसान  का दम घुट रहा है पर  चाह कर भी आर्थिक कमजोरी की वजह से प्रबंधन के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते हैं।

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