• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने रांची विवि के दीक्षांत समारोह में 11 टॉपरों को गोल्ड मेडल प्रदान किया।

1 min read

रांची।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने रांची विवि के दीक्षांत समारोह में 11 टॉपरों को गोल्ड मेडल प्रदान किया।

रांची। रांची विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह में आज देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने भाग लिया और अपने हाथों से विश्वविद्यालय के 11 टॉपरों को गोल्ड मेडल प्रदान किया। बताते चलें कि रांची के मोरहाबादी स्थित दीक्षांत मंडप में आयोजित दीक्षांत समारोह में कुल 56 गोल्ड मेडल और 3883 छात्र- छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गयी। दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल और डिग्री हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश में कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेवारी (सीएसआर, कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिल्टी) की चर्चा होती है, 2018 में दिल्ली में राज्यपाल सम्मेलन में उन्होंने यूएसआर (यूनिवर्सिटी सोशल रिस्पांसिबिल्टी) का अनुरोध किया था। राष्ट्रपति ने कहा कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर पूरा देश स्वच्छ भारत का संकल्प लेगा, इसमें झारखंड भी अहम भूमिका निभाए। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि वीवीआईपी मूवमेंट में ट्रैफिक पर प्रतिबंध से लोगों को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन यह मजबूरी है, इसी कारण वे जहां भी जाते है, उनकी यह कोशिश होती है कि बिना किसी आवश्यक कार्य के कोई मूवमेंट नहीं करते।

यह छोटी सी संवेदनशीलता की झलक है। राष्ट्रपति ने कहा कि जब रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उनके शामिल होने को लेकर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा उन्हें निमंत्रण दिया गया, तो उन्होंने अपने धर्म संकट का हवाला देते हुए क्षमा करने का आग्रह किया , क्योंकि देशभर में केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत अन्य 150 से अधिक केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान है, जब वे स्टेट यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेते है, तो अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों को समय की कमी का वजह बताना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि रांची विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में काफी टैलेंट है, आज जब वे 11 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान कर रहे थे, तो उनके अदभूत व्यक्तित्व को देखने का अवसर मिला। दीक्षांत समारोह में 56 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि गोल्ड मेडल हासिल करने वाले 56 विद्यार्थियों में 47 छात्राएं है और नौ छात्र है , छात्राओं की संख्या पांच गुणी अधिक है, यह संख्या उनके अभिभावकों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है और इससे भविष्य झलकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज से साठ वर्ष पहले रांची विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी, परंपरागत आदर्शां के अनुरूप यहां से पढ़कर निकलने वाले अनेक विभूतियों ने झारखंड तथा देश के विकास में योगदान दिया है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद होने वाले परमवीर अल्बर्ट एक्का इसी क्षेत्र के सपूत थे, ओलंपिक हॉकी टीम के विजेता जयपाल सिंह मुंडा संविधान सभा के सदस्य भी रहे, महेंद्र सिंह धौनी भी झारखंड की टैलेंट की झलक है और दीपिका कुमारी ने भी झारखंड का नाम रौशन किया है। उन्होंने कहा कि देश की 40फीसदी खनिज संपदा इसी क्षेत्र में है, यहां जमशेदजी टाटा ने सबसे पहले इस्पात संयंत्र की स्थापना की। राष्ट्रपति ने कहा कि आज के युवाओं के लिए कई अवसर और चुनौतियां है। पिछली पीढ़ियों के पास आज उपलब्ध कई नयी तकनीक नहीं थी, युवा जॉब क्रिएटर बने और दूसरे को भी आगे बढ़ने में सहयोग करें और देश तथा झारखंड के विकास में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि झारखंड में विकास भारती बिशुनपुर जैसे संस्थान भी जनजातीय क्षेत्रों के विकास में अच्छा काम कर रहे है, उन्हें कल वहां जाना था, लेकिन दैव्ययोग के कारण नहीं जा सके। उन्होंने राज्यपाल से कहा कि इसे वे पेंडिंग मान कर चलें, वे अगली बार आएंगे और वहां भी जांएगे। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीणों के विकास में रामकृष्ण मिशन जैसे संस्थानों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस क्षेत्र के प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी जतरा टाटा भगत ने भी अहिंसात्मक आंदोलन में गांधीजी का अनुसरण किया था। अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा भी सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। रांची विश्वविद्यालय में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई हो रही है और आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा उनके कौशल विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 471 एकलव्य मॉडल विद्यालय की स्थापना किया जा रहा है, इसकी शुरुआत झारखंड से हुई है। वहीं आयुष्मान भारत की शुरुआत भी पिछले वर्ष झारखंड से भी हुई थी।

NEWSTODAYJHARKHAND.COM

Leave a Reply

Your email address will not be published.