मृतक राजेश कुमार महतो के भाई ने एसपी को आवेदन सौंप कर लगाई न्याय की गुहार, हत्या या आत्महत्या

(बोकारो)

मृतक राजेश कुमार महतो के भाई ने एसपी को आवेदन सौंप कर लगाई न्याय की गुहार, हत्या या आत्महत्या……!

कसमार। विगत 03 जुलाई के अहले सुबह कसमार प्रखंड अन्तर्गत करमा गाँव के शंकरडीह (डुमरियाटाँड़) में नित्यानन्द महतो पिता-पुसाराम महतो के घर-बारी स्थित कटहल के पेड़ पर एक शव के लटके होने की सूचना मिली। शव की पहचान मंजूरा पंचायत अंतर्गत गोरैयाडीह निवासी दुखु महतो का पुत्र राजेश कुमार महतो के रूप में हुई। सूचना पाकर मृतक के परिजन-ग्रामीण एवं स्थानीय पुलिस(कसमार) घटनास्थल पर पहुंचे। कसमार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर काण्ड संख्या:-25/2019, दिनांक- 03-07-2019 दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।कसमार थाना को दिए आवेदन में मृतक के भाई ब्रजेश कुमार महतो ने शंकरडीह निवासी नित्यानंद महतो पिता पुसाराम महतो, शेखर महतो पिता नित्यानंद महतो व अन्य पर भाई की हत्या कर पेड़ पर लटका देने का आरोप लगाया। कसमार थाना में दिए आवेदन में मृतक के भाई ने यह भी जिक्र किया कि शंकरडीह के ही एक युवती से उनके भाई का पिछले एक साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी से नाराज होकर युवती के परिजनों ने सुनियोजित एवं इरादतन हत्या की है तथा आरोप लगाया कि साक्ष्य छुपाने के लिए शव को पेड़ पर लटका दिया गया। चर्चाओ के अनुसार नित्यानन्द महतो की पुत्री एवं मृतक राजेश कुमार महतो के बीच पिछले एक वर्ष से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी बीच युवती की शादी कहीं और तय हो गई। जिससे मृतक काफी परेशान रहने लगा। इस दौरान उन्होंने युवती से भाग कर शादी करने की भी सलाह दी परंतु युवती नहीं मानी। जिससे परेशान होकर अंततः अपनी प्रेमिका के घर के सामने ही अपनी इहलीला समाप्त कर ली।
उक्त युवती ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि मृतक बीती रात को उनसे मिलने आया था।

उक्त घटनाक्रम पर कई सवाल एवं संदेह पैदा होते हैं।

👉 मृतक का घर एवं घटनास्थल की दूरी लगभग 8 किलोमीटर है। मृतक के परिजनों के अनुसार रात्रि में खाना खाकर सोने अपना कमरा चला गया था तदोपरांत मृतक कब और कैसे घटनास्थल तक पहुंचा इसकी जानकारी मृतक के परिजनों को नहीं है। जबकि मृतक ने घर में मौजूद मोटरसाइकिल या साइकिल का प्रयोग नहीं किया है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर मृतक घटनास्थल तक पहुंचा कैसे?

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👉क्या मृतक को घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए उसका ही कोई साथी था अगर था तो वह अब तक सामने क्यों नहीं आया?

👉क्या मृतक को किसी ने उसके मोबाइल से संपर्क कर रात्रि के समय बीच रास्ते से उसे लेकर घटनास्थल तक पहुंचा?

👉मृतक ने आत्महत्या के लिए तकरीबन 8 किलोमीटर दूर जाना ही मुनासिब क्यों समझा?

*अगर मृतक ने स्वयं पेड़ पर लटक कर अपनी जान दे दी तो भी कई सारे प्रश्नों को छोड़ जाता है जैसे:-*

👉कटहल पेड़ के तना के समीप मृतक के चप्पल का व्यवस्थित रूप से रखा होना संदेह के घेरे में है!

👉रात्रि को बारिश की वजह से कटहल पेड़ के तना में नमी मौजूद था!परंतु तना पर चढ़ने के ना तो कोई निशान थे और ना ही मृतक के पैरों में कोई दाग!आखिर क्यों?

👉पेड़ की जिस टहनी पर रस्सी को बांधा गया था वह संभवत: झटका खाने पर टूट भी सकता था परंतु सकुशल लटका हुआ था आखिर कैसे?

👉जितनी ऊंचाई से रस्सी को बांधा गया था गर मृतक स्वयं अपने गले में फंदा डालकर लटका होता तो झटका से उसके गले में रस्सी से निशान पड़ सकते थे परंतु ऐसा नहीं था,कैसे?

👉जमीन से मात्र आधा फीट की ऊंचाई पर मृतक के पैर का होना भी संदेह के घेरा में आता है।

👉तकरीबन 8 किलोमीटर का सफर करने के बावजूद भी उसके शरीर के कपड़ों या पैरों में धूल या कीचड़ का ना होना यह साबित करता है कि या तो वह खुद अपने किसी साथी के साथ घटनास्थल तक पहुंचा या कोई अन्य के द्वारा इसे साजिश के तहत उक्त स्थल तक ले जाया गया। आखिर वह कौन था?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत से पूर्व के चोट के निशान भी पाए गए हैं,जो कि स्वयं एक सवालिया निशान है।
मृतक के परिजनों को अब न्याय की उम्मीद एसपी,बोकारो पर ही टिकी है।एसपी को दिये आवेदन में उन्होनें कसमार पुलिस पर गहनता से अनुसंधान व निष्पक्ष जाँच नही करने का आरोप लगाया है।NEWSTODAYJHARKHAND.COM

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