बीएसएनएल मजदूर ने इलाज के अभाव में तोड़ा दम। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…….

रांची।

बीएसएनएल मजदूर ने इलाज के अभाव में तोड़ा दम। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…….

रांची। इलाज के अभाव में एक व्यक्ति की मौत हो गयी। यह घटना प्रधानमंत्री के आयुष्मान भारत योजना को ठेंगा दिखा रही है। बताते चलें कि लाख दावें के बाद भी सरकारी अस्पतालों में लोगों को सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है। सरकार द्वारा लागू कई योजनाओं के बावजूद गरीबों को सही समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।वहीं घटना के अनुसार बताते चलें कि बीएसएनएल के बूटी मोड़ स्थित सर्किल में ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत रामानुज प्रसाद की मौत इलाज के अभाव में हो गई। बता दें कि बीएसएनएल के ठेका मजदूरों को महीनों से वेतन नहीं मिला है। जिसको लेकर बीएसएनएल ठेका मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। जहां मजदूरों को महीनों से वेतन नहीं मिल रहा था वही कर्मचारी राज्य बीमा निगम के तहत किस्ते भी जमा नहीं हुई है।

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ऐसे में ईएसआइ अस्पताल नामकुम ने मजदूर का इलाज करने को लेकर हाथ खड़े कर दिए। वह कुछ दिनों तक किसी प्रकार निजी अस्पताल में इलाजरत रहे लेकिन आर्थिक कमजोरी ने उन्हें वहां से भी बाहर कर दिया। बहरहाल इलाज करने हेतु उनका 18 वर्षीय बेटा समेत सभी मजदूरों ने मिलकर इस मामले को मुख्य महाप्रबंधक केके ठाकुर तथा उपमंडल अभियंता आलोक कुमार के समक्ष भी रखा लेकिन वहां भी मजदूर का हाथ खाली हीं रहा। वहीं बता दें कि आर्थिक अभाव के कारण मजदूर का इलाज संभव न हो सका। लिहाजा उसकी मौत हो गई। आपको बताते चलें कि अब उसके कफन के लिए भी पैसे का जुगाड़ चल रहा है। सभी सहकर्मियों को संदेश भेज कर मदद करने के लिए अपील की जा रही है। बता दें कि रामानुज प्रसाद गठिया एवं इन्फेक्शन जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। बीएसएनएल में ठेका मजदूर के तौर पर व नालियों और ड्रेनेज में लगे केबल के मरम्मती एवम् रखरखाव का कार्य किया करते थे। बरियातू रोड में स्थित सभी अंडरग्राउंड केबलों का कार्यभार भी इन्हें सौंपा जाता था।

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