झारखंड में क्वारंटाइन की मुहर लगाने के लिए मतदान की अमिट स्याही का इस्तेमाल होगा

झारखंड में क्वारंटाइन की मुहर लगाने के लिए मतदान की अमिट स्याही का इस्तेमाल होगा

NEWS TODAY-देश मे कोरोना संदिग्ध मरीज़ो  को क्वारंटाइन छाप दिया जाता है ताकि उसे देख कर लोग मरीज़ को पहचान पाए. झारखंड में कोरोना के खिलाफ जंग में मतदान की स्याही का इस्तेमाल किया जाएगा. मतदाताओं की अंगुलियों पर लगने वाली इस अमिट स्याही का इस्तेमाल संदिग्ध मरीजों की बांह पर क्वारंटाइन की छाप देने मे की जाएगी. इससे क्वारंटाइन में रह रहे लोगों के लिए इस पहचान को मिटाना संभव नहीं होगा.

राज्य सरकार को चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के बाद तैयारी शुरू कर दी है.  विधानसभा चुनाव की बची स्याही की तलाश विभिन्न जिलों शुरू हो गई है. विधानसभा चुनाव के बाद आठ हजार स्याही की शीशी बची हुई है. इससे दो लाख लोगों पर क्वारंटाइन मुहर पड़ सकती है.जरुरत पड़ने पर झारखण्ड सरकार इस अमिट स्याही को भारत सरकार की मैसूर स्थित कंपनी से भी मंगवा सकती है.

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इधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी क्वारंटाइन की छाप देने के लिए अमिट स्याही के इस्तेमाल का ही निर्देश दिया है
तथा सामान्य स्याही का उपयोग नहीं करने की हिदायत दी है.

प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में कोरोना संदिग्धों को इंक पैड से क्वारंटाइन की मुहर मारी जा रही है और ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कुछ संदिग्धों ने इसे मिटा डाला या फिर यह खुद-व-खुद मिट गई. आमलोग कोरोना संदिग्धों को पहचान पाए, इसके लिए क्वारंटाइन की अमिट छाप जरूरी है.

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