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झारखंड में कोरोना वायरस संदिग्ध की नहीं हुई जांच, सामने आई बहुत बड़ी लापरवाही

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झारखंड में कोरोना वायरस संदिग्ध की नहीं हुई जांच, सामने आई बहुत बड़ी लापरवाही

NEWS TODAY-भारत के हर राज्य मे जहाँ कोरोना वायरस ने अपने पैर पसार लिया है वही झारखंड अभी उन राज्यों में से एक है, जहां अभी तक कोरोना वायरस का एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है.

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पर लगता नहीं है की झारखण्ड ज्यादा दिन तक इस वायरस से अछूता रह पायेगा. क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के ही कुछ डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ इस महामारी से निपटने में लापरवाही बरत रहे हैं.

बता दे की 23 मार्च को हैदराबाद से गिरिडीह लौटे अजय कुमार नाम के शख्श को खांसी, सर्दी और बुखार था. वह डॉक्टर से चेक करवाने के लिए पीएचसी गया था, परंतु डॉक्टर ने उसे घर भेज दिया. नियम से उसकी जांच होनी चाहिए थी, पर ऐसा हुआ नहीं. इसके बाद 28 मार्च को जब उसकी तबीयत बिगड़ गई परिवार वाले ममता वाहन से उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, लेकिन जहां डॉक्टरों ने बिना देखे उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया, पर सदर भेजने की कोई व्यवस्था नहीं थी. परेशान और थक कर उसे बाइक से वापस अपने गांव लौट जाना पड़ा.ऐसे मे स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है.

इस पर गिरिडीह के सिविल सर्जन डॉ. अवधेश सिंह ने सफाई दिया की बिरनी PHC में 6 डॉक्टर की जगह 01 डॉक्टर है. एम्बुलेंस वाला कोरोना वायरस का नाम सुनते ही जाने के लिए तैयार नहीं होता. पीड़ित से कहिए कि वह सदर अस्पताल आ जाए तो उसका इलाज और जांच करवा देंगे.

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