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झारखंड एकेडमिक काउंसिल(JAC) की चल रही हुबहू फर्जी वेवसाइट-JAC ने लिया संज्ञान

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झारखंड एकेडमिक काउंसिल(JAC) की चल रही हुबहू फर्जी वेवसाइट-JAC ने लिया संज्ञान

NEWSTODAYJरांची- JAC के जैसा हुबहू एक अलग से फर्जी वेबसाइट इन्टरनेट पर अपलोड होने के बाद झारखंड एकेडमिक काउंसिल में हडकंप मचा हैl इस फर्जी वेबसाइट से जहां छात्रो में भ्रम की स्थिति है वहीँ लालच और धोखा के इस  खुले खेल में जैक, झारखंड जहां अपना सारा रिजल्ट अपनी अधिकारिक वेबसाइट-  डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.जैक.झारखंड.जीओभी.इन पर जारी करता है। वहीं फर्जी वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.जैकरिजल्ट्स. इन भी चोरी की तमाम सूचनाओं के आधार पर भ्रामक दावा करता रहता है। यह वेबसाइट जैक की वेबसाइट- डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.जैकरिजल्ट्स.कॉम के डिजाइन के आधार पर तैयार किया गया है जो एक स्टिंग साइट है। जिस पर उपलब्ध जानकारी फर्जी, धोखाधड़ी से जुड़ी हो सकती है।

जैक झारखंड ने अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को साइबर क्राइम एसपी को लिखित सूचना देते हुए इस फर्जी वेबसाइट को ब्लाक कराने की गुजारिश की है। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित संस्था व व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करें। जैक ने इसकी सूचना द नेशनल साइबर को-आर्डिनेशन सेंटर को भी दी है।  कहा गया है कि इस साइट के कारण जैक की छवि धूमिल होगी।

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फर्जी वेबसाइट को जब ओपेन करता है तो वह सीधे अंकपत्र जारी करने वाले सेक्शन में पहुंच कर क्लास, रौल नंबर व पासवर्ड देने के बाद एक फर्जी अंकपत्र जारी हो जाएगा। जबकि ऑरिजनल वेबसाइट ओपेन कर रिजल्ट वाले सेक्शन में जाने पर जैक द्वारा संचालित सभी परीक्षाओं का रिजल्ट होता है। इसमें क्लिक करने पर फैकल्टी, रौल कोड व रौल नंबर मांगा जाता है। ये सारी बातें डाल कर सबमिट करने पर ओरिजनल अंकपत्र आ जाता है।

फर्जी वेबसाइट से अंकपत्र डाउनलोड करने में  रिसेट बाई ओर और सबमिट दायीं ओर रहता है जबकि ओरिजनल में ठीक इसका उल्टा है।  रिपोर्ट के अनुसार फर्जी वेबसाइट-डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.जैकरिजल्ट्स.इन को उत्तर प्रदेश के किसी महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ने बनवाया है। जैक की आइटी सेल की टीम ने आइपी एड्रेस से छानबीन करना शुरू किया तो उन्हें पता चला कि महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ने ही फर्जी वेबसाइट बनवाया है। संभावना जताई जा रही है कि यह इंस्टीट्यूट अन्य बोर्ड का भी फर्जी वेबसाइट बनाकर फर्जी प्रमाणत्र जारी करता होगा।

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