कोरोना ने फीका किया आज से शुरू होने वाला चैत्र नवरात्र

कोरोना ने फीका किया आज से शुरू होने वाला चैत्र नवरात्र

NEWS TODAY – आज से चैत्र मास की नवरात्रि का शुभारम्भ पर्व हो गया है, जो 2 अप्रैल रामनवमी तक चलेगा। हालंकि कोरोनावायरस महामारी के बीच इसका रंग जरूर फीका पड़ गया हैं।

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हिंदू धर्म में चैत्र माह की शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्‍वरूपों- शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, देवी कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा होती है।

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नवरात्रों में माता के भक्त पूरे नौ दिनों तक माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करके उन्हे प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं. मान्‍यता है कि जो भी भक्‍त सच्‍चे मन से नवरात्रि में मां की पूजा करता है उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. नवरात्रि के पहले दिन घट स्‍थापना कर इस महापर्व की शुरुआत की जाती है।

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक घट स्थापन के लिए प्रात: काल का समय विशेष शुभ माना जाता है. प्रात: 5.58 से 09 बजे तक जो लोग कलश स्थापन न कर सकें, उनके लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.36 से 12.25 तक शुभ रहेगा. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 25 मार्च को दिन में 3.51 बजे तक रहेगी. इस समय तक कलश स्थापन अवश्य कर लेना चाहिए।
आइये जानते हैं नवरात्र से जुडु विशेष बातें

नवरात्रि के दौरान किसी भी तरह के व्‍यसन से दूर रहना चाहिए. नशीले पदार्थों के सेवन से व्रत खंडित हो जाता है.व्रत‍ियों को साफ कपड़े पहनने चाहिए. बिना धुला कोई वस्‍त्र धारण ना करें.इन नौ दिनों के दौरान शेव ना करें. साथ ही नाखून काटने से भी बचना चाहिए.खाने में अनाज और नमक का सेवन वर्जित है. इनसे दूर रहें. इस दौरान नींबू नहीं काटना चाहिए.प्‍याज, लहसुन जैसे तामसिक आहार ना लें।
मांसाहार पूरी तरह वर्जित है.अगर आप अखंड ज्‍योति जला रहे हैं तो घर को खाली छोड़कर ना जाएं.नवरात्रि के दौरान, दिन में सोना निषेध है. ऐसा विष्‍ण पुराण में कहा गया है.अगर मंत्र, चालीसा या सप्‍तशती पढ़ रहे हैं तो बीच में उठें नहीं. ना ही दूसरी कोई बात बोलें. इससे नकरात्‍मक शक्तियों को पाठ का फल मिलता है.चमड़े के जूते-चप्‍पल, बेल्‍ट, बैग जैसी चीजों का इस्‍तेमाल नवरात्रि में ना करें।

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