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एक अप्रैल से होगी घरेलू बिजली महंगी! जानें कितना बढ़ेगा रेट

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रांची।

एक अप्रैल से होगी घरेलू बिजली महंगी! जानें कितना बढ़ेगा रेट

रांची। झारखंड विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2019-20 के लिए नया बिजली दर घोषित कर दिया है। आयोग के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि प्रस्तावित दर से अधिक की मंजूरी प्रदान की है। बिजली निगम ने आयोग के समक्ष घरेलू बिजली दर 5.50 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर 6 रुपया करने का प्रस्ताव दिया था मगर आयोग ने इसे बढ़ाकर 6.25 रुपए प्रति यूनिट मंजूर किया है। Related imageआयोग ने शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी वर्ग के उपभोक्तां को राहत दी है। जबकि सारा बोझ शहरी उपभोक्ताओं पर लाद दिया है। आयोग ने कहा कि पहले 4 किलोवाट तक के ही उपभोक्ता घेरलू श्रेणी में आते थे। मगर अब इसे बढ़ाकर 5 किलोवाट किया जा रहा है। इससे घर में चलने वाले कुटीर उद्योग जैसे आटा मिल, ब्यूटी पार्लर, सैलून, कोल्हू तेल मिल सहित अन्य छोटे-छोटे घरेलू उद्योग को सीधा फायदा होगा।

जारी टेरिफ के अनुसार कुटीर उद्योग मीटरर्ड की दर 4.40 रुपए से बढ़ाकर 5.75 रुपए, रूलर मीटरर्ड 4.75 रुपए से बढ़ाकर 5.75 रुपए की गयी है। जबकि अनमिर्टड श्रेणी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है। उसी तरह शहरी उपभोक्ता का 5.50 रूपए से बढ़ाकर 6.25 रुपए किया गया है। कॉमिर्सियल श्रेणी में रूलर मीटरर्ड उपभोक्ताओं की दर 5.25 रूपए से बढ़ाकर 6रुपए, अरबन 6 रुपया से बढ़ाकर 6.25 रुपए किए गए हैं। कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं का 5 रुपया ही रहने दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्र के लो टेंशन उपभोक्ताओं का 5.50 रूपया से बढ़ाकर 5.75 रूपए तथा हाई टेंशन उपभोक्ताओं का 5.75 रूपए से घटाकर 5.50 रूपए कर दिया गया है। अब चूंकि ये घरेलू श्रेणी में आ गए इसलिए सब्सिडी का लाभ ऐसे उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। नयी टेरिफ की घोषणा आयोग के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद एवं सदस्य तकनीकी आर एन सिंह ने गुरुवार को आयोग कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान की।
आयोग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में एक दर होने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि चैरिटेबल संस्थाओं ं को घरेलू दर से भुगतान करना होगा। घरेलू लाइन से उपभोक्ता पांच किलोवाट तक का लोड लेकर छोटे व्यवसाय कर सकते हैं। इसके लिये उन्हें अलग से मीटर नहीं लगाना होगा। बिजली की गुणवत्ता व आपूर्ति के लिये वितरण निगम को इंडेक्स बनाना होगा। जिसे तीन महीने में वे जारी करेंगे। इससे बिजली की गुणवत्ताव आपूर्ति का पता चलेगा।
आयोग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में एक दर होने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि चैरिटेबल संस्थाओं ं को घरेलू दर से भुगतान करना होगा। घरेलू लाइन से उपभोक्ता पांच किलोवाट तक का लोड लेकर छोटे व्यवसाय कर सकते हैं। इसके लिये उन्हें अलग से मीटर नहीं लगाना होगा। बिजली की गुणवत्ता व आपूर्ति के लिये वितरण निगम को इंडेक्स बनाना होगा। जिसे तीन महीने में वे जारी करेंगे। इससे बिजली की गुणवत्ताव आपूर्ति का पता चलेगा।Related image
आयोज ने जो बिजली दर जारी किया है वह इंडस्ट्रीयल और कॉमर्शियल फेंडली है। वर्तमान में इंडस्ट्रीयल कटेगरी में हाई टेंशन में 5.75 रुपये प्रति यूनिट की चार्ज से दर देना पड़ रहा है। नई दर में इसे घटा कर 5.50 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। वहीं घरेलू दर के लिये वितरण निगम मे छह रुपये प्रति यूनिट का प्रस्ताव दिया था, जिसे बढ़ाकर 6.25 रुपये प्रति यूनिट कर दिया है।

इसके पीछे नियामक आयोग के अध्यक्ष ने तर्क दिया कि वितरण निगम ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिये एक दर का प्रस्ताव दिया था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सही नहीं होने के कारण शहरी क्षेत्र के दर में वृद्धि की गई है। इसमें पावर परचेज कॉस्ट भी देखा गया है। Related image
किस श्रेणी में कितने की वृद्धि
श्रेणी वर्तमान दर नई दर कितने रूपए पैसे की वृद्धि
कुटीर ज्योति 4.40 5.75 1.35 रुपये प्रति यूनिट
रूरल (मीटर) 4.75 5.75 1.00 रुपये प्रति यूनिट
रुरल शहरी 5.50 6.25 75 पैसा प्रति यूनिट
एचटी घरेलू 5.25 6.00 75 पैसा प्रति यूनिट
कॉमर्शियल ग्रामीण 5.25 6.00 75 पैसा प्रति यूनिट
कॉमर्शियल शहरी 6.00 6.25 25 पैसा प्रति यूनिट
इंडस्ट्रीयल हाई टेंशन 5.75 5.50 25 पैसा प्रति यूनिट की कमी
रेलवे 4.60 5.50 90 पैसा प्रति यूनिट
ऐसा है बिजली का दर
घरेलू
वर्तमान दर वर्तमान दर(रु प्रति यूनिट) फिक्स चार्ज(प्रति माह) प्रस्तावित दर (प्रति यूनिट)प्रस्तावित फिक्स चार्ज(प्रति माह) नई दर(रुपये प्रति यूनिट)नई फिक्स चार्ज
कुटीर ज्योति 4.40 20 रुपये प्रतिमाह 6.00 प्रति यूनिट 75रुपये प्रति माह 5.75 प्रति यूनिट 20 रुपये प्रतिमाह
ग्रामीण 4.75 35 6.00 75 5.75 20
शहरी 5.50 75 6.00 75 6.25 75
एचटी 5.25 200 6.00 200 6.00 100
कॉमर्शियल
शहरी 6.00 225 7.00 225 6.25 150
सिंचाई 5.00 20 5.00 20 5.00 20
इंडस्ट्रीयल(एलटी) 5.50 160 6.00 300 5.75 100
इंडस्ट्रीयल(हाईटेंशन) 5.75 300 6.00 400 5.50 350
एचटी स्पेशल 4.00 500 6.00 400 6.25 100
स्ट्रीट लाइट 6.00 100 6.50 100 6.25 100
रेलवे 4.60 350 5.00 350 5.50 350
सब्सिडी में 2000 करोड़ तक का हो सकता है प्रावधान
आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि सरकार उपभोक्ताओं की सब्सिडी के लिये 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर सकती है। पिछली बार 1040 करोड़ रुपये सब्सिडी के लिये प्रावधान किया गया था। इसमें 750 करोड़ से कम ही राशि सब्सिडी के लिये ले पाये। आयोग के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ज्यादा पैसा लगे पर क्वालिटी युक्त बिजली मिले। बिजली चोरी रोकने के लिये वितरण निगम को वेब पर आधारित एप्लिकेशन डेवलप करने का निर्देश दिया। कर्मियों और उपभोक्ताओं ं की सुरक्षा के सेफ्टी के मानक को अपनाने को कहा है। साथ ही वितरण निगम को जून तक शत-प्रतिशत मीटरिंग करने को भी कहा है। रुफ टॉप सोलर प्लांट लगा कर बिजली बेचने पर ग्रॉस मीटरिंग पर 4.16 रुपये प्रति यूनिट और नेट मीटरिंग पर 3.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से चार्ज मिलेगा।
फिर भी वितरण निगम का बना रहेगा 1211.02 करोड़ का घाटा
नई बिजली दर लागू होने के बावजूद वितरण निगम का 1211.02 करोड़ का घाटा बना रहेगा। झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम ने 8375.24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया था।Image result for बिजली बिल इसके एवज में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 7164.22 करोड़ रुपये की ही स्वीकृति दी।

पिछले साल आयोग ने 5973.46 करोड़ रुपये की ही स्वीकृति दी थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2019-20 में वितरण निगम का रेवेन्यू गैप 692.70 करोड़ का बना रहेगा। आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि बिजली खरीद पर प्रति यूनिट 6.32 रुपये प्रति यूनिट का खर्च आता है।

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