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आपदा_ताउते तूफान: घातक हुआ मौसम विभाग की चेतावनी को नजरंदाज करना…..

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आपदा_ताउते तूफान: घातक हुआ मौसम विभाग की चेतावनी को नजरंदाज करना…..

 

NEWSTODAYJ_आपदा;ताउते चक्रवाती तूफान की चेतावनी को नजरंदाज करना घातक साबित हुआ। ओएनजीसी और अन्य कंपनियां यदि समय रहते बार्ज पापा -305 को सुरक्षित स्थान पर ले गए होती तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत नहीं होती। लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी पर ओएनजीसी, एफकॉन्स और डर्मास्ट इंटरप्राइजेज लि. कंपनियों ने निर्णय लेने में बहुत देर कर दी।

 

 

एक विशेषज्ञ ने बताया कि 11 मई को ही अरब सागर ताउते चक्रवाती तूफान आने की पहली चेतावनी दे दी थी। जबकि ताउते चक्रवात 17 मई को महाराष्ट्र के तटीय इलाके ओएनजीसी के बांबे हाई क्षेत्र के अपतटीय विकास क्षेत्र के ऊपर से गुजरा और गुजरात की ओर चला गया। इससे हीरा प्लेटफार्म के पास पापा-305 बार्ज को नुकसान पहुंचा। रक्षा व विमानन क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने कहा कि 11 मई की चेतावनी के बाद बार्ज को सुरक्षित रखने और लोगों को वहां से बाहर निकालने के लिए कई दिन थे।

 

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उन्होंने कहा कि मैने कई सालों में महाराष्ट्र के तटीय इलाके में इस तरह का विनाशकारी चक्रवात नहीं देखा। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर ओएनजीसी की ऑपरेशन टीम को साईट पर मौंसम की नवीनतम जानकारी के तहत संदेश देना चाहिए था। वहीं, इस चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने चेतावनी के मद्देनजर कोकण के तटीय इलाके से 13,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जिससे जनहानि को रोका जा सका।

 

इस बीच, गहरे समुद्र से बाहर निकाले गए पापा-305 के इंजीनियर रहमान शेख ने मीडिया को बताया कि इस बार्ज के कैप्टन बलविंदर सिंह ने मौसम विभाग की चेतावनी को नजरंदाज किया। जबकि एक हप्ते पहले ही हमें चक्रवात की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद आसपास के कई अन्य जहाज सुरक्षित स्थानों पर चले गए। रहमान ने कहा कि मैनें भी कैप्टन से बंदरगाह पर चलने के लिए कहा था। लेकिन सिंह ने कहा कि तूफान की रफ्तार 40 किमी प्रतिघंटे से ज्यादा तेज होने की उम्मीद नहीं है। हकीकत में हवा की गति 100 किलोमीटर प्रतिघंटे से भी अधिक थी। इससे बार्ज के पांच लंगर टूट गए और चक्रवात का सामना नहीं कर सके।

 

शुरू हुआ आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला

ताउते चक्रवात से पापा-305 बार्ज (जहाज) डूबने और 50 से अधिक लोगों की समुद्र की लहरों में हुई मौत के बाद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। ओएनजीसी और एफकॉन्स कंपनी ने मौसम विभाग की गलत जानकारी को इस विनाश की वजह बताया है। हालांकि ओएनजीसी ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्याप्त अग्रिम नोटिस और चक्रवात ताउते के रफ्तार की त्रुटिपूर्ण गणना से गलत धारणा बनी। जिससे यह हादसा हो गया।

 

वहीं, एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लि. ने एक बयान जारी कर कहा है कि 14 मई को मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की थी कि अधितम 40 नॉटिकल मील की गति से हवाएं चलेंगी। इसके बाद ही सभी बार्ज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सूचना दी गई थी। इसी चेतावनी के अनुरूप पापा-305 बार्ज भी 14-15 मई की रात को ही वहां से निकलना था। जबकि अन्य बार्ज बाॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट व आउटर एंकोरेज में चले गए थे। पापा-305 को भी एचटी प्लेटफार्म से 200 मीटर दूर ले जाने का फैसला किया गया था। इसी दौरान दुर्भाग्य से 16 मई को स्थिति बिगड़ गई और मौसम विभाग की भविष्यवाणी के विपरीत मौसम ज्यादा खराब हो गया। ऐसे में जहाज को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए समय ही नहीं बचा।

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