• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

Social media:टीकाकरण के दो साल के बाद हो जाएगी मौत का दावा सरासर गलत….

1 min read

Social media:टीकाकरण के दो साल के बाद हो जाएगी मौत का दावा सरासर गलत….

 

NEWSTODAYJ_Social Media:केंद्र सरकार और सोशल मीडिया  प्लेटफॉर्म्स के बीच तकरार जारी है. हाल ही में फेसबुक और इंस्टाग्राम को प्रेस इंफरमेशन ब्यूरो की एक पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई करने के चलते सरकार के हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा. पीआईबी ने अपनी एक पोस्ट में वैक्सीन से मौत से जुड़े तथ्यों की जांच की थी. इसके बाद दोनों प्लेटफॉर्म्स ने इस पोस्ट को हटा दिया था. हालांकि, सरकार की दखल के बाद कंपनी को इसे दोबारा प्रकाशित करना पड़ा.

 

25 मई को पीआईबी फैक्ट चेक के हैंडल से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की गई. इसमें सरकारी संस्था ने फ्रांस के नोबल पुरस्कार विजेता लुक मॉन्टेग्नियर के हवाले से वैक्सीन को लेकर किए जा रहे दावे का खंडन किया था. वायरल पोस्ट में कहा जा रहा था कि कोविड-19 की वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति की दो सालों में मौत हो सकती है.पीआईबी की तरफ से शेयर की गई पोस्ट के अनुसार, ‘फ्रांस के नोबल पुरस्कार विजेता के हवाले से कोविड-19 को लेकर एक तस्वीर कथित रूप से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है… तस्वीर में किया जा रहा दावा झूठा है… कोविड-19 वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है… इस तस्वीर को आगे शेयर ना करें.’ इस पोस्ट के जारी होने के बाद ही दोनों प्लेटफॉर्म्स ने बगैर किसी स्पष्टीकरण के हटा दिया.

यह भी पढ़ें..दिल्ली: वैक्सीन खरीदने के लिए रखे 35 हजार करोड़ रुपये कैसे खर्च किए, टीकाकरण नीति पर केंद्र से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फेसबुक ने इसके बाद एक चेतावनी भी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि ‘झूठी खबरें’ शेयर करने के कारण PIB के पेज को अनपब्लिश किया जा सकता है. सोशल मीडिया की इस कार्रवाई के बाद पीआईबी ने आईटी मंत्रालय का रुख किया. बाद में मंत्रालय ने ईमेल के जरिए फेसबुक और इंस्टाग्राम से संपर्क साधा और दोनों प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट को बहाल किया गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published.