• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

MORNING WALK : अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर निकाली गई. प्रभात फेरी

1 min read

MORNING WALK : अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर निकाली गई. प्रभात फेरी…

  • पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है।टाइगर डे बाघों के संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिवस मनाया जाता है।
  • बाघों की संख्या और उनके अनुकूल वातावरण को देखते हुए टाइगर रिजर्व बनाया है. यह रिजर्व आज बेहाल है।

NEWSTODAYJ : लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखण्ड मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर बेतला नेशनल पार्क मे बुधवार को टाइगर डे के मौके पर निकाली गई प्रभात फेरी इसकी नेतृत्व बेतला क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रेम कुमार ने किया वही इस मौके पर प्रभारी वनपाल संतोष कुमार सिंह,फॉरेस्ट गॉर्ड नवीन प्रसाद,संतोष कुमार सिंह, मानिता कच्छप, गुलशन सुरीन,देवपाल भगत,स्ट्रेक फ़ोर्स दिवाकर समेत काफी सँख्या में लोग मौजूद रहे।बताते चले कि पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है।

 

टाइगर डे बाघों के संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिवस मनाया जाता है यह वही इलाका है, जहां आज पलामू टाइगर रिजर्व है. भारत सरकार ने इलाके में बाघों की संख्या और उनके अनुकूल वातावरण को देखते हुए टाइगर रिजर्व बनाया है. यह रिजर्व आज बेहाल है. यहां बाघ हैं कि नहीं, इसको लेकर अलग-अलग तर्क हैं. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी भी इस रिजर्व में बाघ हैं, लेकिन वहां आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से यहां बाघ नहीं दिखा.और दिखा भी तो मृत बाघिन वन विभाग पलामू टाइगर रिजर्व में अभी तीन से चार बाघ होने का दावा कर रहा है.
झारखंड में बाघों के संरक्षण पर होने वाले खर्च बढ़ रहे हैं. पिछले 10-12 सालों में बाघों के संरक्षण पर 50 करोड़ से अधिक खर्च हो गये हैं. केवल नेशनल टाइगर रिजर्व कंजर्वेशन ऑथोरिटी (एनटीसीए) ने पिछले छह साल में झारखंड को करीब 12 करोड़ रुपये टाइगर प्रोजेक्ट के लिए दिये हैं. विभागीय आंकड़े बताते हैं कि 1992 में बेतला (पलामू टाइगर रिजर्व) में 55 बाघ थे. 2003 में इसकी संख्या 36 से 38 के बीच हो गयी. पिछले 10 साल में करीब 30 बाघ गायब हो गये हैं. वन विभाग ने अब 2022 तक बाघों की संख्या एक दर्जन से अधिक करने का लक्ष्य रखा है. मालूम हो कि बेतला राज्य का एक मात्र टाइगर रिजर्व है. यह करीब 779 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है.

वन्य जीव

बेतला नेशनल पार्क अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, जहां आप विभिन्न वनस्पति प्रजातियों के साथ असंख्य जीव जन्तुओं को आसानी से देख सकते हैं। जंगली जानवरों में आप यहां बाघ, तेंदुआ, सियार, हाथी, चितल, चिंकारा,नील गाय, हिरण आदि को देख सकते हैं।आप चाहें तो यहां खूबसूरत देश और प्रवासी पक्षियों को देखने का भी मौका प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आप यहां खूबसूरत जलीय जीवों को भी यहां देख सकते हैं।

कैसे करें प्रवेश

बेतला राष्ट्रीय उद्यान का निकटतम हवाई अड्डा 180 किमी दूर रांची एयरपोर्ट है। जहां से आप भारत के बड़े शहरों से आसानी से जुड़ सकते हैं। रेल मार्ग के लिए आप बरवाडीह/लातेहार/डाल्टनगंज/रांची/गया रेलवे स्टेशन का सहरा ले सकते हैं। अगर आप चाहें तो यहां सड़क मार्गों से भी पहुंच सकते हैं, बहेतर सड़क मार्गों से पलामू राज्य के बड़े शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

आसपास के आकर्षण

बेतला नेशनल पार्क के अलावा आप आसपास मौजूद अन्य पर्यटन आकर्षणों को भी देख सकते हैं। बेतला के पास पुराना और नया किला यहां आने वाले पर्यटको के मध्य काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं। यहां के वॉचटावर से आप शानदार प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकते हैं।
इसके अलावा यहां कुछ छोटे-बड़े झरने भी मौजूद हैं जिन्हें आप यहां की यात्रा के दौरान देख सकते हैं। अगर आप चाहें तो यहां से पलामू स्थित अन्य खास आकर्षणों को भी देख सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

ट्रेंडिंग खबरें