Lone moratorium : आज ब्याज में छूट देने वाली याचिका पर सुना सकता है फैसला सुप्रीम कोर्ट…

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Lone moratorium : आज ब्याज में छूट देने वाली याचिका पर सुना सकता है फैसला सुप्रीम कोर्ट…

NEWSTODAYJ : नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को लॉकडाउन के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से दिए गए लोन मोरेटोरियम को आगे बढ़ाने और ब्याज में छूट देने की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इस मामले पर बुधवार को बहस पूरी नहीं हुई थी। लोन मोरेटोरियम का मतलब होता है कर्ज की किस्त को कुछ महीनों के लिए टालने की सुविधा। कोरोना की स्थिति और लॉकडाउन को देखते हुए मार्च में पहले यह सुविधा तीन महीने के लिए दी गई थी।

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इसे बाद में तीन और महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि अगर ऋण रियायत अवधि का ब्याज माफ कर दिया गया तो यह नुकसानदेह साबित होगा। इससे बैंकों की सेहत खराब हो जाएगी। बैंक कमजोर पड़ जाएंगे, जो कि अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं।याचिकाकर्ताओं के वकील राजीव दत्ता ने कहा कि लोग मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं और यह योजना सभी के लिए दोहरी मार की तरह है। उन्होंने दलील दी कि ब्याज लेना प्रथमदृष्टया गलत है और बैंक इसे वसूल नहीं कर सकते। सीआरईडीएआई के वकील आर्यमन सुंदरम ने कहा कि लंबे समय तक कर्जकर्ताओं पर दंडात्मक ब्याज वसूलना अनुचित है, इससे एनपीए बढ़ सकता है।

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शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वकील रंजीत कुमार ने कहा कि फार्मा, एफएमसीजी और आईटी सेक्टर के विपरीत शॉपिंग सेंटर्स और मॉल ने बंद के दौरान अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि मोरेटोरियम अवधि के लिए ब्याज नहीं वसूला जाना चाहिए।

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