LOCKDOWN GUIDELINE : कोरोना रोकथाम के नाम पर एक लाख के भारी-भरकम जुर्माने से पीछे हटते मुख्यमंत्री…

0
[URIS id=45547]
न्यूज़ सुने

LOCKDOWN GUIDELINE : कोरोना रोकथाम के नाम पर एक लाख के भारी-भरकम जुर्माने से पीछे हटते मुख्यमंत्री…

  • कोरोना रोकथाम के नाम पर एक लाख के भारी-भरकम जुर्माने से पीछे हटते हुए सरकार।
  • अध्‍यादेश के बारे में लोगों के पास यह संदेश ज्यादा प्रचलित हो रहा है कि मास्क नहीं पहनने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा।

NEWSTODAYJ रांची : कैबिनेट में आधी-अधूरी तैयारियों के साथ अध्यादेश लाना झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के लिए भारी पड़ा। कोरोना रोकथाम के नाम पर एक लाख के भारी-भरकम जुर्माने से पीछे हटते हुए सरकार ने कहा कि दंड की राशि अभी तय नहीं है। राज्‍य सरकार की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है।

कि आगे रेगुलेशन जारी कर नियम के उल्‍लंघन के हिसाब से दंड की राशि तय की जाएगी। स्‍वास्‍थ्‍य, चिकित्‍सा शिक्षा एवं परिवार कल्‍याण विभाग की ओर से राज्‍य से संबद्ध संक्रामक रोग अध्‍यादेश 2020 का उल्‍लेख करते हुए कहा गया है कि आम लोगों में जुर्माने को लेकर फैली भ्रांतियां सही नहीं है। यह कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए फौरी तौर पर किया गया उपाय है। जुर्माने की राशि अभी तय नहीं है।

बता दें कि इस अध्‍यादेश के बारे में लोगों के पास यह संदेश ज्यादा प्रचलित हो रहा है कि मास्क नहीं पहनने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा। सरकार चाहकर भी इसे रोक नहीं पा रही है और अब जल्द ही इसका संशोधित स्वरूप सभी के सामने होगा। इसमें स्पष्ट तौर पर अंकित होगा कि किस अपराध के लिए कौन सा जुर्माना लगेगा और सजा की मियाद कितनी होगी।

यह भी पढ़े…ANCIENT TREE – 400 वर्ष अति प्राचीन पेड़ को बचाने के लिए नितिन गडकरी को बदलना पड़ा हाईवे का नक्शा

फजीहत के बाद स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग आपस में एक-दूसरे पर फेंकाफेंकी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग तर्क दे रहा है कि मास्क लगाकर चलने का निर्देश आपदा प्रबंधन विभाग ने दिया है तो आपदा प्रबंधन इससे इन्कार कर रहा है। बहरहाल, स्वास्थ्य विभाग इस अध्यादेश के तहत अलग-अलग अपराधों में जुर्माने की राशि तय करने में जुटा है।

यह भी पढ़े…PROBLEM : 102 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग,उपभोक्ता ने बिजली विभाग को दिया आवेदन…

झारखंड में अध्यादेश पारित होने के बाद इस खबर की चर्चा पूरे देश में हो रही है। लोग जुर्माने की रकम पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष को भी बैठे-बिठाए एक मुद्दा मिल गया है। सूत्रों की मानें तो इस मामले और मैट्रिक-इंटर में टॉपर छात्रों को पुरस्कार देने के मामले में मंत्रियों ने भी सुधार करने का परामर्श दिया था। लेकिन इन परामर्शों को दरकिनार कर दिया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here