JPSC की धांधली : दोबारा जांच होने पर बढ़ गये नंबर…

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NEWSTODAYJ : हजारीबाग । झारखंड लोक सेवा आयोग ने पहले, दूसरे सिविल सेवा की भांति तीसरे सिविल सेवा में भी घोटाला किया है। इस परीक्षा की सीबीआइ जांच के लिए झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

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वर्ष 2007 में सिविल सेवा के 276 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किये थे। इसकी प्रारंभिक परीक्षा 17 फरवरी 2008 को हुई थी। 11 नवंबर से 5 दिसंबर 2008 तक मुख्य लिखित परीक्षा हुई। 9 जून 2009 से चार दिनों तक इंटरव्यू चला और 19 जुलाई को परिणाम आया था।

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इस परीक्षा में jpsc के एक सदस्य विल्फ्रेड लकड़ा के जोर देने पर रीजनल पेपर खोरठा, पंचपरगनिया, नागपुरी, कुड़ुख, कुरमाली, संथाली, मुंडारी और खड़िया की जांच दोबारा की गयी। जांच के क्रम में नंबर बढ़ाये गये।

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दोबारा कॉपी जांच के लिए विल्फ्रेड लकड़ा ने लिखित आदेश जारी किए थे। दूसरे विषय के असफल मेधावी अभ्यर्थियों ने कोर्ट में रीजनल उतीर्ण छात्रों की कापियों की जांच की मांग की थी। यह सवाल उठाये कि‍ किन परिस्थितियों में रीजनल कापियों की जांच दोबारा से की गयी।

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