महाज़ के पदाधिकारियों ने कहा कि संविधान धर्म,मुलवंश, जाति, लिंग व जन्म स्थान के आधार पर किसी भी प्रकार के भेद भाव को नकारता है।

NEWSTODAYJ_रांची:ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज झारखंड प्रदेश के द्वारा संविधान की धारा 341 पर धार्मिक प्रतिबंध हटाने को लेकर महाज के मुख्य संयोजक आज़म अहमद और नौशाद आलम अंसारी के नेतृत्व में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम खुला ज्ञापन राज्यपाल झारखंड को ज्ञापन सौपा गया।ज्ञापन के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 341 से धार्मिक प्रतिबंध हटाने की मांग की।

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कहा कि सरकार सबको बराबर का अधिकारी दिलाकर सबका साथ सबका विकास के नारे को सच साबित करे। कहा गया कि ईसाई व मुस्लिम दिलतों के साथ धर्म के आधार पर 10 अगस्त 1950 से निरन्तर हो रहे क़ानूनी अन्याय को समाप्त करते हुए उनके साथ संवैधानिक न्याय किया जाय। महाज़ के पदाधिकारियों ने कहा कि संविधान धर्म,मुलवंश, जाति, लिंग व जन्म स्थान के आधार पर किसी भी प्रकार के भेद भाव को नकारता है।

दूसरी तरफ 10 अगस्त 1950 का प्रसिडेंशियल/साम्प्रदायिक आर्डर खुले आम धर्म के आधार पर ही 341 में प्रदत अवसरों व लाभों से ईसाई व मुस्लिम दलितों को वंचित करता है। इस से इनकी स्थिति बड़ी हास्यस्पद बनी हुई है। हम इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार से यह मांग करते हैं कि अनुच्छेद 341 से धार्मिक प्रतिबंध हटा कर अल्पसंख्यक व इसाइयों के आरक्षण के संवैधानिक अधिकार को बहाल किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में संयोजक शकील अंसारी,एजाज गद्दी,अरशद कुरैशी,शमशाद मंसुरी,प्रो अशरफ हुसैन,डॉ आफत आलम,हाजी उमर भाई,हाजी ज़ाकिर हुसैन,अब्दुल ख़ालिक़, शोएब अंसारी,असलम अंसारी, मोख्तार अंसारी व अन्य शामिल थे।

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