Jharkhand High Court : नगर निगम यह बताने की स्थिति में क्यों नहीं है कि खुले नाले कब तक बंद होंगे-उच्च न्यायालय…

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Jharkhand High Court : नगर निगम यह बताने की स्थिति में क्यों नहीं है कि खुले नाले कब तक बंद होंगे-उच्च न्यायालय…

NEWSTODAYJ रांची : झारखंड उच्च न्यायालय ने राजधानी में खुले नालों को बंद करने में नगर निगम के विफल रहने पर शुक्रवार को तल्ख टिप्पणी की और पूछा कि आखिर रांची नगर निगम यह बताने की स्थिति में क्यों नहीं है कि शहर के खुले नाले कब तक बंद होंगे? मुख्य न्यायाधीश डा. रवि रंजन और न्यायमूर्ति एस एन प्रसाद की खंड पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए

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कहा,‘‘खतरनाक नालों में लोग बह रहे हैं और निगम सिर्फ कागजी कार्रवाई ही कर रहा है।’’ पीठ ने निगम को 25 सितंबर तक इस मामले में पूरा ब्योरा पेश करने का निर्देश देते हुये उसे यह बताने को कहा है कि शहर में कितने खतरनाक नाले हैं? कितने नाले खुले हैं और कितने खतरनाक हैं? कितनों को बंद किया गया है? पीठ ने नालों को लेकर निगम की ओर से किए गए सर्वे का ब्योरा भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।न्यायालय ने कहा कि एक वर्ष से खुले नालों को ढंकने के लिए जनहित याचिका लंबित है लेकिन नगर निगम यह बताने की स्थिति में नहीं है।

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कि सभी नाले कब तक बंद कर दिए जाएंगे।इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से बताया गया कि खुले नालों को ढंकने के लिए टेंडर निकाला गया है। लगभग 47 नालों को ढंक दिया गया है। शेष नालों पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।निगम के इस बयान पर नाराजगी जताते हुए पीठ ने कहा कि जून में भी सुनवाई दौरान उसने यही बात कही थी और आज भी यही बात दोहरायी जा रही है। ऐसा लगता है कि इस मामले पर गंभीरता नहीं दिखायी जा रही है।न्यायालय ने शहर में खतरनाक नालों के खुले रहने से होने वाली दुर्घटनाओं पर गंभीरता से काम करने का निर्देश दिया।इस संबंध में राजन कुमार सिंह ने जनहित याचिका दायर की है।

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याचिका में कहा गया है कि निजाम नगर में पिछले साल नाले में गिरने से एक बच्ची की मौत हो गयी थी। हिंदपीढ़ी के निजाम नगर में एक खुले नाले में बच्ची गिर गयी थी। बच्ची नाले में बह गयी थी और चुटिया में उसका शव बरामद किया गया था।

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याचिका में इसे नगर निगम की लापरवाही बताते हुय इसके अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।इस बीच चार दिनों पूर्व एक बार फिर तेज बारिश के बीच कोकर के खोरहा टोली नाले में हजारीबाग का रहने वाला उमेश राणा अपनी बाइक के साथ बह गया था जिसका अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है।

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