Human smuggler : बंधक बने रांची की 30 लड़कियों को मानव तस्कर से मुक्त कराया , एक महिला गिरफ्तार…

0

Human smuggler : बंधक बने रांची की 30 लड़कियों को मानव तस्कर से मुक्त कराया , एक महिला गिरफ्तार…

NEWSTODAYJ रांची : गुजरात की सूरत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पलसाना थाना क्षेत्र के मखिंगा गांव में झींगा कारखाना में बंधक बने रांची की 30 लड़कियों को मानव तस्कर से मुक्त कराया है। मुक्त हुई लड़कियों में छह नाबालिग है। पुलिस ने इस मामले में मंजू नामक एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मंजू मानव तस्करी गिरोह से जुड़ी है। वह झारखंड के कई जिलों से लड़कियों को लाती थी।

यह भी पढ़े…Suicide : डीएसपी के वाहन चालक की बड़ी बेटी ने पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली , दहेज उत्पीड़न का मामला…


डीआइजी अखिलेश झा के निर्देश पर रांची पुलिस की एक टीम लड़कियों को लाने गुजरात रवाना हो गई है। मालूम हो कि बीते तीन सितंबर को बुढ़ाकोचा गांव निवासी भजन बेदिया ने अनगड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज करा कर बेटी को सकुशल वापस लाने की गुहार लगाई थी। पुलिस को दिए बयान में भजन बेदिया ने बताया कि बीते छह अगस्त को अनगड़ा के सारजोमडीह निवासी मंजू नामक महिला उनकी नाबालिग बेटी सहित

यह भी पढ़े…Crime : बाल्टी से काटा हुआ हाथ बरामद , जांच में जुटी पुलिस , महिला या पुरूष की हाथ जांच के लिए रिम्स भेजा गया…

आसपास की 30 लड़कियों को सिलाई ट्रेनिंग के नाम पर बहला-फुसला कर गुजरात ले गई।लड़कियों को सिलाई की ट्रेनिंग के बदले मछली पैकेजिंग के काम में लगा दिया। लड़कियों से 12 घंटे काम कराया जा रहा है। भजन बेदिया की शिकायत पर हरकत में आई रांची पुलिस ने बचपन बचाओ एनजीओ के सहयोग से सूरत के पलसाना थाना से संपर्क किया। पूरी वस्तुस्थिति से अवगत कराने के बाद यह कार्रवाई की गई।

फैक्ट्री में लड़कियों से जबरन लिया जा रहा काम

नाबालिग के पिता के अनुसार फैक्ट्री में लड़कियों का शोषण हो रहा है। लड़कियां घर आना चाहती हैं लेकिन मानव तस्कर ने सभी को बंधक बना कर रख लिया है। किसी को भी घर वापस नहीं आने दिया जा रहा है। जबर्दस्‍ती डरा-धमका कर काम लिया जाता है।

आत्मरक्षा गृह में रखा गया है लड़कियों को

जानकारी के अनुसार फैक्ट्री से मुक्त कराई गई लड़कियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश से लड़कियों को महिला आत्मरक्षा गृह में रखा गया है जहां वे पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित हैं।

यह भी पढ़े…Food distribution : जनवितरण प्रणाली संचालक ने किया उपभोक्ताओं के खाद्यान वितरण…

तीन सितंबर को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस एक्टिव हो गई थी। गुजरात पुलिस को सूचना देने के साथ-साथ बचपन बचाओ एनजीओ की भी मदद ली गई। बंधक बनी सभी लड़कियों को मुक्त करा लिया गया है। जल्द लड़कियों को रांची लाया जाएगा। -अनिल कुमार तिवारी, थाना प्रभारी अनगड़ा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here