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Health and fitness:डायबिटीज के असर को कम करना है तो दिन में खाएं दो बार फल….

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Health and fitness:डायबिटीज के असर को कम करना है तो दिन में खाएं दो बार फल….

 

NEWSTODAYJ_Health and fitness:मेटाबॉलिक डिसॉर्डर के कारण होने वाली बीमारियों में सबसे आम लेकिन खतरनाक बीमारी है डायबिटीज। इस बीमारी से ग्रस्त लोगों के रक्त शर्करा का स्तर बढ़ने से मरीजों को कई अन्य स्वास्थ्य परेशानियों से घिरने का डर भी होता है। हाई ब्लड शुगर के कारण लोगों को ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, हार्ट और किडनी संबंधी रोग हो सकते हैं। आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में हर साल 2 मिलियन से अधिक लोगों की मौत टाइप 2 डायबिटीज के कारण होती है। ऐसे में हर कोई चाहता है कि उनका शुगर लेवल कंट्रोल में रहे, इसके लिए लोग तमाम कोशिशें करते हैं।

 

इंसुलिन रेजिस्टेंस ज्यादा

फलों को खाने से कंट्रोल होगा शुगर लेवल: एडिथ कोवन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक जो लोग दिन भर में फलों की 2 सर्विंग्स लेते हैं, उनमें इंसुलिन सेंसिटिविटी कम होती है। वहीं, इस तुलना में डायबिटीज के जो मरीज कम फलों का सेवन करते हैं उनमें इंसुलिन रेजिस्टेंस ज्यादा देखने को मिलती है।

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डायबिटीज टाइप 2 का खतरा

जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्राइनोलोजी एंड मेटाबॉलिज्म में छपे शोध के मुताबिक हेल्दी डाइट जिसमें फल भी शामिल हों, उनमें डायबिटीज टाइप 2 का खतरा करीब 36 फीसदी तक कम होता है। हालांकि, मरीजों को फलों के रस के सेवन से बचना चाहिए। क्या है टाइप 2 डायबिटीज: एक स्वस्थ शरीर में पैन्क्रियाज से इंसुलिन हार्मोन निकलता है, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस में इंसुलिन सिक्रीशन प्रभावित होता है जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस की परेशानी हो जाती है। इस बीमारी से ग्रस्त मरीजों के शरीर में या तो पैन्क्रियाज इंसुलिन बना नहीं पाता है या फिर शरीर को इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाता है। इस वजह से ब्लड ग्लूकोज लेवल बढ़ जाता है जिससे मरीजों को कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं

फलों से परहेज

कौन से फल खा सकते हैं डायबिटीज रोगी: माना जाता है कि डायबिटीज रोगियों को ऐसे फलों से परहेज करना चाहिए जिनमें प्राकृतिक मिठास ज्यादा हो। साथ ही, जिन फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स वैल्यू हाई होता है, उनके सेवन से भी शुगर के मरीजों को नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि खट्टे फल जैसे कि संतरा, अमरूद और आंवला का सेवन मरीजों के लिए लाभकारी है। इसके अलावा, सेब, नाशपाती, कीवी, चेरीज, स्ट्रॉबेरीज और एवोकाडो का ग्लाइसेमिक वैल्यू बेहद कम होता है, ऐसे में मरीज इनका सेवन भी कर सकते हैं।

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