Handicapped pain : कोरोना का साइड इफेक्ट मुंबई से अपने रिक्शा लेकर पहुचे गिरिडीह , विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए डीआरएम कार्यालय का लगा रहा चक्कर…

यहाँ देखे वीडियो।

Handicapped pain : कोरोना का साइड इफेक्ट मुंबई से अपने रिक्शा लेकर पहुचे गिरिडीह , विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए डीआरएम कार्यालय का लगा रहा चक्कर…

NEWSTODAYJ धनबाद : एक दिव्यांग व्यक्ति कृष्ण यादव पर कोरोना का साइड इफेक्ट ऐसा हुआ कि उसने पहले तो मुंबई से अपने रिक्शा लेकर के ही झारखंड के गिरिडीह के राजधनवार अपने गांव पहुंच गया  इसके बाद अब 150 किलोमीटर से धनबाद डीआरएम  कार्यालय पहुंच कर विकलांग मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए दर-दर भटक रहा है। इसके पास यहां न रहने का ठिकाना है ना ही खाने का फिर भी लगभग 10 दिनों तक धनबाद में ही रह कर अपना सर्टिफिकेट बनवाना होगा।

Capture 2021-07-28 22.36.12
Capture 2021-08-17 12.13.14 (1)
Capture 2021-08-06 12.06.41
Capture 2021-08-19 12.34.03
Capture 2021-07-29 11.29.19
Capture 2021-08-17 14.20.15 (1)
Capture 2021-08-10 13.15.36
Capture 2021-08-05 11.23.53
Capture 2021-09-09 09.03.26
Capture 2021-09-16 12.44.06

यह भी पढ़े…Agitation against central government : केंद्र सरकार की मनमानी छात्रों पर भारी , जेईई-नीट परीक्षा को स्थगित करें अनर्थ होगी उग्र आंदोलन – शंकर प्रजापति…

ये अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ दर – दर भटक रहा हैं।दिव्यांग कृष्णा यादव अपनी रेलवे यात्रा के लिए इसलिए सर्टिफिकेट बनवा रहा है ताकि रेलवे किराया में रियायत मिल सके जिससे वह फिर से मुंबई जा सके और वहां अपनी रोजगार फिर से चला सके ताकि खुद और अपने परिवार का भरण पोषण हो।  लेकिन सारे सरकारी कार्यालय एक जैसा ही होता है चाहे वह रेलवे ही क्यो न हो इसके पास विकलांग सर्टिफिकेट होने के बावजूद एक बार फिर से बीएमसी सर्टिफिकेट मंगा गया और कहा गया कि कार्यालय भी बंद हैं सो समय लगेगा।दिव्यांग कृष्णा यादव राजधनवार से लगभग 150 किलोमीटर दूर धनबाद में मंगलवार से ही।

यह भी पढ़े…Buffer zone free : 25 कंटेनमेंट एवं बफर जोन से कर्फ्यू निरस्त , धारा 144 के तहत रहेगी निषेधाज्ञा…

अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ अपने रिक्शा पर लेकर घूम रहा है दर-दर भटक रहा है उसके पास ना रहने के लिए कोई छत है नहीं खाने के लिए कोई व्यवस्था फिर भी मजबूरी है कि रेलवे से विकलांग सर्टिफिकेट बनवाना है तो रहना पड़ेगा और वह भी 10 से 12 दिन क्योंकि फिर से गांव 150 किलोमीटर आना जाना मुश्किल है।जिसे लेकर दिव्यांग कृष्णा यादव ने राज्य सरकार और रेलवे से गुहार लगाया है कि उनकी मदद की जाए और जल्द से रेलवे के द्वारा विकलांग सर्टिफिकेट बनाया जाए ताकि दर-दर भटकना ना पड़े।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here