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Farmer’s Protest: देश भर में 6 फरवरी को Farmer organization करेंगे चक्का जाम…

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Farmer’s Protest: देश भर में 6 फरवरी को Farmer organization करेंगे चक्का जाम…

NEWSTODAYJ (एजेंसी) नई दिल्ली : केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डरों पर किसान संगठन बीते दो महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।सोमवार को किसान संगठनों द्वारा ऐलान किया गया है कि शानिवार 6 फरवरी को पूरे देश भर में चक्का जाम करेंगे।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह चक्का जाम दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे कर चलेगा।ए एन आईकी रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि 6 फरवरी को देश भर में किसान संगठन चक्का जाम करेंगे.

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उन्होंने कहा कि हम दोपहर से 3 बजे तक सड़क जाम करेंगे. कृषि कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि उन्होंने यह चक्का जाम आंदोलन स्थल के आस-पास के इलाकों में इंटरनेट सस्पेंड करने के विरोध में किया है. इतना ही नहीं किसान संगठनों का कहना है कि बजट में किसानों की अनदेखी की गई है।प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अपना रोष व्यक्त किया और कहा कि बजट उनकी चिंताओं को दूर करने में विफल है, जिसमें आय बढ़ाने या रोजगार पैदा करने का कोई उल्लेख नहीं है. बता दें, सोमवार को दिल्ली के सिंधु बार्डर, गाजीपुर बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर पर सरकार ने 2 फरवरी तक इंटरनेट सस्पेंड करने का ऐलान किया था।स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा,”पिछले साल, MSP में खरीद के लिए भारतीय खाद्य निगम को ऋण के माध्यम से विस्तारित वित्तीय सहायता के लिए बजट आवंटन 36 1,8,600 करोड़ था, जिसमें 85 हजार करोड़ से भी कम खर्च किया गया. इस वर्ष कोई राशि आवंटित नहीं की गई है. ऐसी बातों से किसानों को लगता है कि यह एफसीआई को बंद करने की साजिश है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को वार्षिक बजट पेश किया.

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इस दौरान उन्होंने समर्थन मूल्य पर अनाज और दालों की खरीद के लिए बढ़ते सरकारी खर्च के आंकड़े पेश किए, और आगे राज्य-विनियमित बाजारों, या कृषि उपज बाजार समितियों (एपीएमसी) को मजबूत करने का वादा किया. वित्त मंत्री ने बजट में 1,000 से अधिक विनियमित बाजारों को इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार या ई-एनएएम प्लेटफॉर्म में जोड़ने का वादा किया गया, जहां 17 मिलियन भारतीय किसान पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं।बता दें, किसान संगठनों ने बीते साल दिसंबर में भी देश बंद का ऐलान किया था, जिसका कई जगहों पर मिला-जुला असर दिखा था. किसान संगठनों के नेताओं ने रविवार को ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि वो देशव्यापी चक्का जाम करने की योजना बना रहे हैं और सोमवार को हुई मीटिंग के बाद इसको लेकर फैसला लिया है।

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