Facebook, OLX से ठगी करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार

Facebook, OLX से ठगी करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार

NEWS TODAY बहराइच: पुलिस अधीक्षक बहराइच डा0 विपिन कुमार मिश्रा को शिकायते प्राप्त हो रही थी कि फेसबुक, OLX पर पेटीएम के माध्यम से पैसों की ठगी की जा रही है जिस पर पुलिस अधीक्षक द्वारा साइबर सेल को साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु निर्देशित किया गया था। जिस पर प्रभारी निरी0 साइबर सेल निखिल श्रीवास्तव व टीम द्वारा लगातार सतर्क दृष्टी रखी जा रही थी ।

आज साइबर सेल व कोतवाली देहात की संयुक्त टीम द्वारा फेसबुक, OLX एवं पेटीएम के माध्यम से पैसों की ठगी करने वाले दो अभियुक्त शाकिर पुत्र सूबेदार निवासी डहरखोह थाना खोह जिला भरतपुर राजस्थान तथा इसराइल पुत्र आसिम खां निवासी मिट्ठूपुरा थाना सीकरी जिला भरतपुर राजस्थान को गल्ला मंडी चौराहे पर भिनगा की ओर जाने वाली रोड पर गिरफ्तार किया गया दोनों के पास से दो मोबाइल फोन व कुल ₹83000 बरामद हुए हैं।थाना को0 देहात बहराइच के दो अभियोगों – 164/20 से संबन्धित कुल रुपये 15000 तथा 176/20 से संबन्धित कुल रुपये 26000/-, थाना पयागपुर के अभियोग संख्या 09/20 से संबन्धित 12000/- तथा को0 नानापारा के अभियोग संख्या 188/20 से संबन्धित कुल रुपये 30000/- बरामद हुए है । जनपद के कुल 05 अभियोगो में इन अभियुक्तो की संलिप्तता पाई गयी है । पूछताछ में अभियुक्तो द्वारा बताया गया कि ये फेसबुक पासवर्ड को ब्रेक कर उनके संपर्कों से पैसे मांगते थे तथा इस्राइल द्वारा दिए गए पेटीएम नंबर पर पैसे डलवा लेता था जिसे इसराइल पेटीएम के एटीएम कार्ड से पैसे निकाल कर अपना हिस्सा काटकर शाकिर को वापस कर देता था । शाकिर ने पूछताछ में बताया कि वह अलवर के आईटी कॉलेज से बीसीए फर्स्ट ईयर का ड्राप आउट है यह लोग साधारण व्यक्तियों के मोबाइल नंबर को अपना पासवर्ड बना लेने की आदत का फायदा उठाते थे, किसी भी मोबाइल नंबर की एक सीरीज को उठा लेते थे उसे फेसबुक के यूजर नेम और पासवर्ड में डाल देते थे अगर खुल गया तो उसके संपर्कों से फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से स्वयं को अत्यंत आवश्यकता में रहने व पैसे की आवश्यकता को बताकर पेटीएम / गूगल पे आदि का अकाउंट नंबर दे देते थे ।

फेसबुक पर मित्रों द्वारा सहायता मांगे जाने पर कुछ लोग बिना फोन पर अपने मित्र से प्रत्यक्ष बात किए ही बताए गए नंबर पर पेटीएम या गूगल पे पर पैसे ट्रांसफर कर देते थे ।इसराइल ने भी पूछताछ में बताया कि उसका काम इन लोगों को पेटीएम के अकाउंट नंबर देना व इनके द्वारा उन अकाउंट नंबरों में डलवाए गए पैसे को निकाल अपना हिस्सा काटकर इन लोगों को वापस करना भी था । उसके द्वारा पूर्व में मोबाइल की दुकान व जन सेवा केंद्र चलाया जा चुका है जिससे उसे मोबाइल की जानकारी व आधार का डेटाबेस उसके पास है जिससे फर्जी पेटीएम / गूगल पे/ बैंक एकाउन्ट आदि खोलनें व उसके संचालन में उसे आसानी होती थी।

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