Eid miladun Nabi:सोशल डिस्टेंस के साथ मनाई जा रही है ईद मिलाद उन नबी:वासेपुर से मुस्लिम समाज के लोग पहुँचे दुआ के लिए मज़ार सरीफ…

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Eid miladun Nabi:सोशल डिस्टेंस के साथ मनाई जा रही है ईद मिलाद उन नबी: वासेपुर से मुस्लिम समाज के लोग पहुँचे दुआ के लिए मज़ार सरीफ…

NEWSTODAYJHARKHAND: धनबाद:पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर देशभर में ईद मिलाद उन-नबी मनाई जा रही है,वहीँ धनबाद में भी मुस्लिम समाज के लोगो ने बड़े अक़ीददत के साथ कोरोना को देखते हुए सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मिलाद उन-नबी को मना रहे है। वासेपुर नया बाजार गुलज़ार बाग एवं जिले हर कोने कोने से स्टेशन रोड सब्बिली मस्जिद में जा कर मज़ार सरीफ पर दुआ करते नज़र आ रहे है.आप को बतादे,इसी दिन इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था। इस्लाम में बेहद महत्वपूर्ण यह दिन इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल के 12वें दिन मनाया जाता है।बड़ी संख्या में मुस्लिम दुनिया के कई देशों में ईद मिलाद-ए-नबी मनाते हैं। इस दिन वे दुवा करते हैं और मोहम्मद साहब की दी हुई बातो को याद करते हैं।


देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस मौके पर सभी लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।

मोहम्मद साहब के जन्म को लेकर कई तरह के चमत्कारों की भी चर्चा होती है,आइए जानें मोहम्मद साहब के जन्म के समय हुए उन चमत्कारों के बारे में जिनके बारे में अक्सर चर्चा होती है।

जाने मोहम्मद साहब से जुड़ी कुछ बातें।

अल रहीक अल मखतुम नामक पुस्तक के अनुसार, फारस में एक 1000 साल पुरानी आग जिसकी हमेशा से पूजा होती आ रही थी, मोहम्मद साहब के जन्म के बाद वह आग बुझ गई थी।

हानी अल-मखज़ुमी के अनुसार, सवा की झील, जिसे भी हमेशा से पूजा जाता रहा था। वह झील पैगंबर के जन्म के बाद सूख गई।

– अरब मुस्लिम इतिहासकार और हैगोग्राफर इब्न इशाक के अनुसार, मोहम्मद साहब की मां आमना ने कहा था कि गर्भावस्था के दौरान जो सामान्य दर्द अन्य महिलाओं को होता है, उन्हें उस दर्द का सामना नहीं करना पड़ा था।

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