• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

Education news:धनबाद कोचिंग एसोसिएशन के तत्वाधान में गोल्फ ग्राउंड में मीटिंग,मुख्यमंत्री से कोचिंग संस्थाओं को खोलने की गुहार…

1 min read

Education news:धनबाद कोचिंग एसोसिएशन के तत्वाधान में गोल्फ ग्राउंड में मीटिंग,मुख्यमंत्री से कोचिंग संस्थाओं को खोलने की गुहार…

Education news:धनबाद कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और धनबाद कोचिंग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान के तहत एक आवश्यक मीटिंग गोल्फ ग्राउंड में की गई । जिसमें मुख्य रुप से धनबाद के सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया जैसा की ज्ञात हो विगत 18 महीनों से कोचिंग संस्थान बंद है कोरोना के कारण प्राइवेट शिक्षकों एवं कोचिंग संचालकों की स्थिति दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है जिसका खोज खबर लेने वाले ना तो सरकार है ना कोई जनप्रतिनिधि आज झारखंड में अनलॉक के तहत सारे के सारे सेक्टरों को खोल दिया गया है चाहे वह मॉल हो सिनेमा हॉल हो जीम हो पार्क परंतु कोचिंग संस्थान आज भी बंद है ।

 

जिसके कारण कोचिंग चलाने वाले शिक्षकों तथा उस में कार्यरत कर्मचारी जो पूरे झारखंड में हजारों की संख्या में है बेरोजगारी की ओर अग्रसर है और सरकार तत्काल कोई निर्णय नहीं लिया तथा कोचिंग और शिक्षण संस्थाओं को नहीं खोला गया तो यह सारे शिक्षक भूखमरी के शिकार हो जाएंगे जिसे लेकर आज शिक्षण संस्थान के सारे लोग एकत्रित हुए है,

यह भी पढ़ें…Education news:कई राज्यों में स्कूल खोलने की तैयारी, कोरोना के घटते मामलों के बीच हो सकता है बड़ा फैसला

 

तथा ऐसी परिस्थिति में हुए अपने जान भी गंवा बैठेंगे बैठक में कोचिंग फेडरेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष मनोज सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं कल रांची में शिक्षा मंत्री से मिलकर शिक्षकों की स्थिति से अवगत कराया हूं तथा शिक्षा मंत्री हमारे बातों को ध्यान पूर्वक सुनकर हमें आश्वासन दिया है की बहुत ही जल्द कोचिंग को खोला जाएगा साथ ही साथ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल से वैश्विक महामारी COVID-19 के कारण शिक्षा क्षेत्र को सर्वाधिक नुकसान उठाना पड़ा है। सभी हितधारक, यानी छात्र, उनके माता-पिता और शिक्षक देश भर में प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए हैं।

वर्तमान परिस्थितियों के कारण शिक्षा की सुविधा के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन यह केवल मेट्रो शहरों में प्रभावी है और केवल समाज के आर्थिक रूप से संपन्न वर्ग के लिए।

यह भी पढ़े …Dhanbad news:सहारा देने के नाम पर 8 वर्ष तक महिला का युवक ने किया शोषण,जहर खिलाकर मारने का किया कोशिश,महिला ने लगाई न्याय की गुहार

प्रशासन के आदेश से स्कूलों/कोचिंग संस्थानों को बंद करना पड़ा जिससे न तो नए एडमिशन हो रहे हैं ना ही पहले से पढ़ रहे छात्रों की ट्यूशन फीस मिल पा रही है, लेकिन इसके विपरीत संस्थानों को किराया, बिजली के बिल देने का बोझ बढ़ गया है और अपने कर्मचारियों को उनके दैनिक जीवन को सुनिश्चित करने के लिए वेतन का भुगतान करना पड़ रहा है। स्थिति चिंताजनक है क्योंकि देश में कई शिक्षकों ने आत्महत्या कर ली है क्योंकि वे स्थिति और अंतहीन दबाव से उबरने में सक्षम नहीं हैं। सरकार ने अभी तक शिक्षा क्षेत्र को कोई राहत या पैकेज सहायता नहीं दी है, जबकि सभी क्षेत्रों को राहत दी गई है।

पंजीकृत कोचिंग संस्थान और शिक्षित व्यक्ति हैं जो चीजों को परिप्रेक्ष्य में रखने के लिए अपनी आजीविका के लिए निजी ट्यूशन पर निर्भर हैं, यह उल्लेख करना उचित है कि 5 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिक जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजीरोटी के लिए इस उद्योग पर निर्भर हैं। यह मॉडल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का देश भर में आत्मनिर्भर भारत (आत्मनिर्भर भारत) के अनुरूप है। शिक्षक कोचिंग के माध्यम से बहुत सारे लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है। कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (रजि.) के राज्य कार्यकारी निकाय के माध्यम से देश भर के शिक्षकों के साथ चर्चा की हमारी श्रृंखला पर, हम सरकार से इस देश की शिक्षा बिरादरी से निम्नलिखित अनुरोधों को स्वीकार करने का अनुरोध करते हैं।

कोचिंग संस्थानों को पुनः खोलने की अनुमति प्रदान करें:

भारत में कोरोनावायरस की 2nd wave का संक्रमण लगभग समाप्ति की ओर है। पिछले साल कोरोना के 1st wave के बाद 15 अक्टूबर से स्कूल कॉलेज एवं कोचिंग खोलने का आदेश जारी हुआ था उस समय प्रदेश में प्रतिदिन पॉजिटिव केसेस की संख्या 2000 के ऊपर थी लेकिन अब कोविड-19 केसेस की संख्या प्रतिदिन 500 के भी नीचे आ चुकी है फिर भी कोचिंग, स्कूल, कॉलेज के खोलने के संदर्भ में कोई गाइडलाइन नहीं आई है।
दुकानों, शॉपिंग मॉल, मनोरंजन पार्क, होटेल, रेस्तरां और बार, विवाह समारोह आदि जैसी विभिन्न गतिविधियों के लिए सरकार पहले ही दिशानिर्देश जारी कर चुकी है। हम आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि कृपया इस कोचिंग संस्थानों को उचित दिशा-निर्देशों और एसओपी के साथ खोलने की अनुमति दें, जिससे शिक्षकों की आजीविका पुनः पटरी पर आए एवं छात्र मानसिक तनाव से बाहर निकलें एवं भविष्य निर्माण सुनिश्चित हो।

फ्रंट-लाइन वर्कर्स के रूप में शिक्षक:

शिक्षकों को ऑनलाइन सत्र आयोजित करने, परीक्षाओं का मूल्यांकन करने और शिक्षाविदों से संबंधित विभिन्न अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए स्कूल / कोचिंग जाना पड़ता है, इसलिए शिक्षकों को फ्रंट-लाइन कार्यकर्ता घोषित किया जाना चाहिए और उन्हें टीकाकरण कार्यक्रम में वरीयता दी जानी चाहिए।

 शिक्षकों को वित्तीय सहायता:

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, पिछले साल से COVID-19 स्थितियों के संक्रमण के कारण बिरादरी शिक्षक की वित्तीय स्थिति पूरी तरह से खराब हो गई है और हमारा खर्च वैसे ही चल रहा है, उदाहरण के लिए किराया, बिजली बिल, ईएमआई आदि। हम सरकार से निम्नलिखित मदद का अनुरोध करते हैं:

  • स्थिति सामान्य होने तक प्रति परिवार 20,000/- रुपये की मासिक सहायता।

 

  •  शिक्षकों पर तत्काल प्रभाव से ईएमआई की मोहलत मिले।

 

  •  उक्त अवधि के लिए कोचिंग परिसरों के बिजली बिल माफ किए जाएं।
    (3) पूर्वोक्त अवधि के लिए परिसर का किराया कम करने और भुगतान न करने में छूट के लिए बल के उपाय लागू करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.