Dhanbad News : टेन्डर निकलने से पहले ही हो गया उद्घाटन , विभाग की गर्दन फंस गई , उचित कार्रवाई करने की मांग…

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Dhanbad News : टेन्डर निकलने से पहले ही हो गया उद्घाटन , विभाग की गर्दन फंस गई , उचित कार्रवाई करने की मांग…

NEWSTODAYJ धनबाद : इसीएल मुगमा क्षेत्र के सिविल विभाग की अजीबोगरीब कहानी है। काम पहले हो जाता है और टेंडर बाद में निकलता है। ऐसा ही एक मामला कुमारधुबी कोलियरी में हुआ है और विभाग की गर्दन फंस गई है। मामला कुमारधुबी कोलियरी के आवासीय कॉलोनी में आरओ प्लांट की चहारदीवारी से जुड़ा हुआ है। यहां तक कि बिना टेंडर के बने चहारदीवारी का उद्घाटन इसीएल के डीपी विनय रंजन के हाथों भी करवा दिया गया है।

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इस मामले मेें ठेकेेदार मनोज कुमार सिंह के द्वारा मुगमा क्षेत्र के जीएम को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है। श्री सिंह का कहना है कि इसीएल/जीएम/एमए/सीई/2020/276 दिनांक 09/07/2020 को कुमारधुबी कोलियरी के वाटर आरओ प्लांट की चहारदीवारी का निविदा निकाला गया। उस निविदा में उनका एल-वन हुआ है बावजूद उन्हें काम करने का कार्यादेश नहीं दिया जा रहा है। कहा कि जानकारी मिला है कि टेंडर निकाले जाने से पूर्व उस चहारदीवारी का निर्माण कर उद्घाटन भी करवा दिया गया है। इसलिए कार्यादेश देने में टाल मटोल किया जा रहा है। कोलियरी के आवासीय परिसर में आरओ प्लांट का निर्माण किया गया था।

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चहारदीवारी का टेंडर नहीं हुआ था लेकिन विभागीय अधिकारियों ने चेहते ठेकेदार विजेंद्र सिंह नामक ठेकेदार से मौखिक रूप से कहकर लगभग छह लाख रुपये की लागत से चहारदीवारी का निर्माण करवा लिया। 22 फरवरी को डीपी के हाथों उद्घाटन भी कर दिया गया। जुलाई माह में ऑन लाइन टेंडर निकाला गया। टेंडर ओपन था इसलिए इसमें विजेंद्र सिंह के अलावा अन्य लोगों ने भी टेंडर डाला था। ओपन टेंडर होने के कारण काम विजेंद्र सिंह को न मिल मनोज कुमार सिंह नामक ठीकेदार को मिला। मामले में विभाग की गर्दन फंस गई है । विभाग न ही विजेंद्र कुमार को किए गए कार्य की राशि का भुगतान कर पा रहा है और न ही मनोज कुमार सिंह को कार्यादेश दिया जा रहा है। पूरे मामले में सिविल विभाग पेशोपेश में है ।

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वैसे इसीएल के लिए यह कोई नया मामला नया नहीं है। सिविल विभाग के अधिकारी अपने चेहते ठेकेदार को लाभ पहुँचाने को ले ऐसा करते रहते हैं। क्योंकि वे निश्चिंत रहते हैं कि उनलोंगों की इजाजत व मर्जी के बिना कोई ठेकेदार टेंडर नहीं डाल सकता है। लेकिन इस बार मामला फंस गया है और अधिकारी को न उगलते बन रहा है और न निगलते बन रहा है। जो काम कर चुके हैं वे पैसा मांग रहे हैं और जिन्हें काम मिला है वह काम करने के लिए आदेश मांग रहे हैं ।ईसीएल मुगमा क्षेत्रीय सिविल अभियंता सचिन झा का कहना है कि यह कार्य उनके योगदान करने से पूर्व का है। मामले की जानकारी हुई है। जांच कर उचित कार्रवाई किया जाएगा।

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