• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

Dhanbad News : दामोदर घाट में बना विद्युत शवदाह गृह

1 min read

NEWSTODAYJ : कोयलांचल वासियों को अब शव के अंतिम दाह-संस्कार के लिए लकड़ियों का जुटान नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए धनबाद नगर निगम ने मोहलबनी दामोदर घाट के समीप विद्युत शवदाह गृह को शुरू करने की प्रक्रिया कर ली है। जिले का पहला इकलौता विद्युत शवदाह गृह मोहलबनी में दामोदर घाट के किनारे बन कर पूरी तरह तैयार है।

 

 

यह भी पढ़े……Jharkhand News : रांची विधानसभा में JMM विधायक सीता सोरेन ने धनबाद एसएसपी पर लगाया गंभीर आरोप

 

जिसे इसी माह से शुरू कर दिया जाएगा।एक करोड़ पचास लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया यह विद्युत शवदाह गृह अगस्त माह में ही शुरू कर लिया जाएगा। जिसके लिए भवन निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है।वही सारे इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इंस्टॉल कर लिए गए हैं। बस इसे शुरू करने के लिए फाइनल टच दिया जा रहा है। एक्सपर्ट बताते हैं कि विद्युत शवदाह गृह में एक शव के डिस्पोजल होने में लगभग 1 घंटे का समय लग सकेगा। जिससे एक मशीन रोजाना लगभग एक दर्जन शव का निष्पादन कर लेगा।

पर्यावरण को प्रदूषण से बचाव के लिए अत्याधुनिक तकनीक :

पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए यहां अत्याधुनिक तकनीक इस्तेमाल की गई है। जिसके तहत फर्नेश से निकलने वाला धुआं स्क्रबर में जाएगा और वहां पानी से फिल्टर होकर वह पुनः दूसरे स्क्रबर में जाएगा। जहां से आईडी फैन के माध्यम से फिल्टर होते हुए चिमनी के द्वारा 200 फीट की ऊंचाई पर निकल सकेगा। इससे पर्यावरण में प्रदूषण नाम मात्र होने की आशंका है।

प्रदूषण से मिलेगी राहत :

एक्सपर्ट बताते हैं कि विद्युत शवदाह गृह के चालू होने से प्रदूषण से काफी राहत मिलेगी। पारंपरिक पद्धति से शव जलाने में करीब 450 किलो लकड़ी लगती है और वातावरण में 225 किलो कार्बनडाई-ऑक्साइड फैलता है। इसके अलावा करीब 50 किलो राख निकलती है, जिसे बाद में पानी में फेंक दिया जाता है। इससे भी प्रदूषण फैलता है। विद्युत शवदाह गृह में दाह संस्कार कराया जाए तो केवल 40 किलो कॉर्बनडाई-ऑक्साइड निकलती है, राख नाम मात्र की होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.