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Dhanbad News : अक्षय नवमी मनाने के लिए खूब संख्या में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

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NEWSTODAYJ : कोयलांचल में अक्षय नवमी की पूजा खड़ेश्वरी मंदिर, बैंकमोड़ रामकृष्ण मंदिर में अक्षय नवमी मनाने के लिए खूब संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।महिलाओं ने आंवले पेड़ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपनी समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।

 

इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अक्षय नवमी मनाने के लिए पहुंची।

 

इसे आंवला नवमी के नाम से भी जाने जाते है। महिलाओं ने अक्षय नवमी की पूजा के दौरान सर्वप्रथम फूल, हल्दी, अरवा चावल, कुमकुम, सिंदूर से आंवला वृक्ष की पूजा की। घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की अराधना की। इसके बाद जल व दूध अर्पित किए। और महिलाओं ने आंवला वृक्ष में मौली धागा बांधकर परिक्रमा की और सौभाग्य वृद्धि, संतान सुख और निरोग काया के लिए भगवान से मनोकामना की। महिलाओं ने व्रत रखकर आंवला के वृक्ष के नीचे भगवान नारायण की भी पूजा की।

 

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श्रद्धालु सुबह से ही यहां पूजा करने के लिए जगह-जगह से जुटने लगी थी। श्रद्धालुओं ने आंवला वृक्ष के नीचे पूजा के बाद प्रसाद वितरण किए। तथा ब्राह्माण भोजन कराए व दान-पुण्य किए।व्रती महिलाओं ने बताया की पूरे परिवार के साथ घरों में पुरोहित से अक्षय नवमी की कथा व आंवला वृक्ष के महत्व का श्रवण किया जाता है।

 

जिसमें बताया गया कि अक्षय नवमी, कूष्मांडा नवमी व धात्री नवमी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक दृष्टि से कार्तिक मास की इस नवमी तिथि का महत्व अक्षय तृतीय से कम नहीं है। कहते हैं जो लोग दिवाली पर भगवान विष्णु व देवी लक्ष्मी की कृपा पाने से वंचित रह गए उनके लिए अक्षय नवमी एक बड़ा मौका होता है। इसमें आंवले पेड़ की पूजा करनी होती है और प्रसाद रूप में आंवला लक्ष्मी नारायण को अर्पित करना होता है।

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