Dhanbad News : कोयलांचल सहित धनबाद में श्रद्धापूर्वक मनाया गया भैया दूज, माहौल में घुली पारंपरिक गीतों की मिठास…

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Dhanbad News : कोयलांचल सहित धनबाद में श्रद्धापूर्वक मनाया गया भैया दूज, माहौल में घुली पारंपरिक गीतों की मिठास…

NEWSTODAYJ : धनबाद।भैया दूज का त्‍योहार भाई-बहन के अपार प्रेम और समर्पण का प्रतीक है. इस दिन विवाहित महिलाएं अपने भाइयों को घर पर आमंत्रित कर उन्‍हें तिलक लगाकर भोजन कराती हैं. वहीं, एक ही घर में रहने वाले भाई-बहन इस दिन साथ बैठकर खाना खाते हैं. मान्‍यता है कि भाई दूज के दिन अगर भाई-बहन यमुना किनारे बैठकर साथ में भोजन करें तो यह अत्‍यंत मंगलकारी और कल्‍याणकारी होता है.

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कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला हिन्दू धर्म का पर्व भैया दूज पर बहनों ने अपने भाइयों को भाई फोटा देकर भाइयों की खुशहाली की कामना की वहीँ कोरोना की वजह से इस बार भैया दूज का पर्व सादगी के साथ मनाया जा रहा है। धनबाद के ज्ञान मुखर्जी रोड में मोनिका पोल अपने मायके धैया में भाइयों के साथ कोविड 19 के नियमो का पालन करते हुए भैयादूज का पर्व मनाया।

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भैयादूज यह दीपावली के दो दिन बाद आने वाला ऐसा पर्व है, जो भाई के प्रति बहन के स्नेह को अभिव्यक्त करता है एवं बहनें अपने भाई की खुशहाली के लिए कामना करती हैं। पूर्व काल में [यमुना]] ने यमराज को अपने घर पर सत्कारपूर्वक भोजन कराया था। उस दिन नारकी जीवों को यातना से छुटकारा मिला और उन्हें तृप्त किया गया। वे पाप-मुक्त होकर सब बंधनों से छुटकारा पा गये और सब के सब यहां अपनी इच्छा के अनुसार सन्तोषपूर्वक रहे। उन सब ने मिलकर एक महान् उत्सव मनाया जो यमलोक के राज्य को सुख पहुंचाने वाला था। इसीलिए यह तिथि तीनों लोकों में यम द्वितीया के नाम से विख्यात हुई।

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जिस तिथि को यमुना ने यम को अपने घर भोजन कराया था, उस तिथि के दिन जो मनुष्य अपनी बहन के हाथ का उत्तम भोजन करता है उसे उत्तम भोजन समेत धन की प्राप्ति भी होती रहती है। हलाकि, भैया दूज त्यौहार का वर्णन हमारे पवित्र धर्म ग्रंथो में नहीं मिलता, इसलिए भैया दूज मनाना एक शास्त्र अनुकूल साधना नही है।

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