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Dhanbad news:शिक्षकों ने एक दिवसीय धरना देकर अपनी मांगों को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

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रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस एवं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन एक दिवसीय धरना देकर सरकार से किया मांग

NEWSTODAYJ_धनबाद : रणधीर वर्मा चौक पर इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस एवं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सभी शिक्षकगण ने एक दिवसीय धरना देकर अपनी मांगों को लेकर किया विरोध प्रदर्शन । कक्षा नर्सरी से पढ़ाई प्रारंभ करने तथा विद्यालय को आर्थिक सहायता देने एवं मान्यता की शर्तों में छूट देते हुए सरकार से किया मांग।

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इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस उपाध्यक्ष एवं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण दुबे ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री एवं झारखंड सरकार को कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालय खोलने हेतु शुभकामना देता हूं बधाई देता हूं परंतु विनम्रता पूर्वक कहना चाहता हूं कि राज्य के सभी निजी विद्यालयों को कोरोना काल में कई तरह के संकटों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में संचालित लगभग 15 हजार निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है।

 

गरीब,दलित, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर मध्यमवर्ग के बच्चों के पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं। अतः कक्षा नर्सरी से पांचवीं तक की कक्षाएं जल्द से जल्द खोलने पर विचार किया जाए ।वहीं दूसरी ओर इन विद्यालयों में कार्यरत लाखों शिक्षकों, कर्मचारियों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या आ खड़ी हुई है।

 

बंद “बड़े स्कूलों” को छोड़कर सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित मध्यम कोटि के विद्यालयों की मासिक शुल्क महज़ 200/- से 500/- रुपये तक है इसके वावजूद अभिभावकों के द्वारा विद्यालय बंद रहने के कारण शुल्क का भुगतान नहीं किया जा रहा है, फलस्वरूप कर्मचारियों के वेतन/मानदेय पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा है। वर्तमान समय में इस प्रकार के विद्यालयों की स्थिति लगभग मृतप्राय हो चुकी है।दुबे ने तीन मांगे रखी है

(1) बच्चों के शैक्षणिक विकास के, गिरते स्तर को सुधारने के लिए ,सभी कोटि के सभी कक्षाओं को खोलने की मांग,(2)विगत 18 महीनों में विद्यालयों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई हेतू आर्थिक सहायता प्रदान की जाय। एवं,

(3)मान्यता की शर्तों में छूट देते हुए 2019 से पूर्व संचालित सभी U-DISE प्राप्त विद्यालयों को मान्यता दी जाय।

सरकार उपरोक्त मांगों जल्द से जल्द विचार करते हुए विद्यालयों के हित में उचित निर्णय लें।

      

                

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