40 हजार करोड़ बढाया गया मनरेगा का बजट-वित्त मंत्री ने किया ऐलान

40 हजार करोड़ बढाया गया मनरेगा का बजट-वित्त मंत्री ने किया ऐलान

NEWS TODAY – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवीं और आखिरी चरण की घोषणाएं की. सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है. उसी के मुताबिक ये आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है.

वित्त मंत्री ने कहा, “इस पैकेज में लैंड, लेबर, लॉ, लिक्विडिटी पर जोर दिया गया है. पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डायरेक्ट ​बेनिफिट ट्रांसफर कैश का किया गया. इसके तहत 8.19 करोड़ किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये दिए गए हैं.उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में कोरोनावायरस से जंग में हेल्थ संबंधी कदमों में राज्यों में 4113 करोड़ रुपये जारी किए गए. जरूरी सामानों पर 3750 करोड़, टेस्टिंग लैब्स और किट्स के लिए 550 करोड़ रुपये की घोषणा की गई.

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सीतारण ने कहा कि मनरेगा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है. पहले मनरेगा का बजट 61 हजार करोड़ रुपये था, अब इसमें 40 हजार करोड़ का इजाफा किया गया हैl वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन एजुकेशन का इस्तेमाल किया गया है. स्वयंप्रभा डीटीएच चैनल में पहले 3 थे, उसमें 12 और नए चैनल जोड़े जा रहे हैं. लाइव इंटरएक्टिव चैनल जोड़े जा सकें, इसलिए भी काम किया जा रहा है. राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे 4 घंटे का कंटेट दें, जिसे लाइव चैनलों पर दिखाया जा सके.

उन्होंने कहा, “दीक्षा के जरिए ई-कॉन्टेंट मुहैया करवाया जाएगा. वन क्लास, वन चैनल (पहली से 12वीं) की शुरुआत की जाएगी. रेडियो, कम्यूनिटी रेडियो से भी पढ़ाई में मदद ली जाएगी. दिव्यांगों के लिए विशेष शिक्षा सामग्री तैयार की जाएगी. 100 टॉप यूनवर्सिटीज को ऑनलाइन पढ़ाई की इजाजत दी गई है. मनोचिकित्सा हेल्प मनोदर्पण नाम से प्रोग्राम चलाया जाएगा.”

वित्त मंत्री ने कहा कि जिस तरह एमएसएमई की परिभाषा बदलकर उनके लिए विस्तार का रास्ता खोला. उन पर दिवालियापन की कार्रवाई ना हो, इसके लिए न्यूनतम सीमा को एक लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ कर दिया गया है. इससे एमएसएमई सेक्टर को फायदा होगा. विशेष दिवालियापन रेज्यूलेशन फ्रेमवर्क को आईबीसी के 240 ए में जोड़ दिया जाएगा. एक साल तक दिवालियापन की कोई कार्रवाई शुरू नहीं होगी.

निर्मला सीतारमण ने कहा, “सभी सेक्टर्स के निजी क्षेत्रों को खोला जाएगा. साथ ही सार्वजनिक उप्रकम भी बने रहेंगे. भारत और दुनिया में कुछ दशकों में बड़े बदलाव आए हैं. सार्वजनिक उपक्रमों को लेकर भी नई नीति की जरूरत है उन्होंने कहा कि जनहित, राष्ट्रहित और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर स्ट्रैटिजिक सेक्टर की एक लिस्ट बनाई जाएगी. इससे बाहर जो कंपनियां रह जाएंगी, उनके निजीकरण का मौका दिया जाएगा, विलय किया जाएगा. पीएसई के निजीकरण का सही समय पर देखकर फैसला किया जाएगा. रणनीतिक क्षेत्रों में कम से कम एक सरकारी उपक्रम बना रहेगा.

वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोनावायरस संकट के दौरान कंपनीज एक्ट 2013 के प्रावधानों के अनुपालन के लिए बोझ घटाया गया. बोर्ड मीटिंग, ईजीएएम, एजीएम आदि वर्जुअल करने की इजाजात दी गई. राइट्स इश्यू की ऑनलाइन किया जा सकता है. पीएम केयर्स के फंड को सीएसआर के लिए मान्यता दी है. 2016 के बाद आईबीसी के जरिए दोगुनी रिकवरी हुई है. 1.84 लाख करोड़ रुपए की वसूली हो चुकी है.

 

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