डायन का आरोप लगाकर महिला के साथ मारपीट

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न्यूज टुडे

बलियापुर।

डायन के नाम पर निरीह महिला को झोंटा खींचकर सड़क पर पटक पटक कर मारा।

छोटे खान।

डायन के नाम पर झारखंड में महिलाओं पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है सोनाहातु में डायन के नाम पर मां बेटी को सर मुड़वा कर घुमाने और महिला को मैला पिलाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक नया मामला धनबाद के बलियापुर में देखने को मिला है।

जहां बाघमारा पंचायत के काशीटांड गावँ की एक सीधी-साधी निरीह महिला पर डायन का आरोप लगाते हुए उसी गांव के ही एक परिवार के लोगों ने घर उसके घर में घुसकर ना सिर्फ मारपीट की बल्कि उसके बाल पकड़कर खींचते हुए उसे सड़क पर घसीटते हुए ले गए और तब तक पिटाई करते रहें जब तक वह बेहोश नहीं हो गई ।

और गांव के लोगों ने मामले को थाने के बजाय पंचायत में सलटा दिया।

घटना के वक्त महिला का पति घर से बाहर गया हुआ था।बेटा भी घर पर नहीं था घटना की जानकारी जैसे ही महिला के परिजनों को मिली उसे बलियापुर सीएचसी में भर्ती कराया और बाद में मामले की रिपोर्ट थाने में लिखवाई । रिपोर्ट लिखवाने के बाद पुलिस का क्रियाकलाप भी बेहद शर्मनाक रहा आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजने की जगह पुलिस ने मामले को पंचायत के हवाले कर दिया पंचायत ने भी पूरे मामले में आरोपियों को माफी मंगवा कर माफ कर दिया

पीड़ित महिला की पुकार कार्यवाई हो आरोपियों पर

जिस जगह पर एक महिला के आत्म सम्मान के साथ इस तरह से क्रूर खिलवाड़ होता है। वही पर पंचायत आरोपियों को माफ करने का फैसला सुनाती है।और सभी लोग महिला के इच्छा के विपरीत सुलहनामा कर के अपने अपने घर चले जाते हैं । पुलिस भी इतने में अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझ लेती है ।

ऐसे में इस महिला के साथ दूसरी बार घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी इसकी क्या गारंटी है । पूरे मामले पर जब हमारी टीम ने पीड़ित महिला से बात की तो महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह आज भी चाहती है की उन तमाम आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।उन्हें जेल भेजा जाए उसके मर्जी के मुताबिक फैसला नहीं हुआ है। जिस तरह से उसके आत्म सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया है उन तमाम आरोपियों को जेल में देखना चाहती है ।

वहीं पूरे मामले पर महिला, बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री डॉ लुइस मरांडी ने कहा कि डायन बताकर किसी को प्रताड़ित किया जाना बेहद ही संवेदनशील घटना है। ऐसे मामले अशिक्षा के वजह से ही पनपती है। जरुरत है जिम्मेवार व्यक्ति को आगे आकर वैसी मानसिकता रखने वालो में जागरूकता लाना उनके अंदर शिक्षा का भाव जगाना। एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को खा जाय ऐसी बाते समझ से परे है।

किसी महिला को डायन कहकर प्रताड़ित करना उसी भाव को दर्शाता है। यह पूरी तरह से अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाली बात है। ऐसा नहीं है कि ऐसे मामले आज की ही तारीख में हो रहे है बल्कि वर्षो वर्ष पूर्व से ही अन्धविश्वाश में पड़कर लोग यह भूल कर बैठते है। कई बार आपसी झगड़े , तनाव व अन्य कारणों से भी ऐसे मामले पनपते है। । सरकार उनके बीच जागरूकता लाने का प्रयास निरंतर नुक्कड़ नाटक , हैण्डबिल के माध्यम से करते रही है। वैसे समाज के लोगो के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने से ही ऐसे मामलो को ख़त्म किया जा सकता है। सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि बलियापुर में घटी घटना की जाँच कराएँगे। उन्होंने कहा कि पुलिस उक्त मामले में कार्रवाई कहा तक पूरी की है इसकी जानकारी ली जायेगी।

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