200 करोड़ की इंटीग्रेटेड सड़क निर्माण घोटाले की जांच की सूचना से परेशान है पदाधिकारी-खंगाली जा रही है फ़ाइलें

NEWSTODAYJ धनबाद – 200 करोड़ की इंटीग्रेटेड सड़क निर्माण घोटाले की जांच की सूचना से ही निगम के पदाधिकारी परेशान हैं। पिछले दो दिन से निगम का अभियंत्रण शाखा फाइलें खंगाल रहा है। अभियंता, सहायक अभियंता और अन्य पदाधिकारी इस काम में युद्ध स्तर पर लगे हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि जिन सड़कों की जांच एसीबी से होनी है, उनमें कई सड़कों की फाइलें कार्यालय में मिल नहीं रही हैं। कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। सड़क निर्माण से संबंधित कागजात, डीपीआर, इसके डिजाइन की तलाश की जा रही है। अधिकारी से लेकर निचले स्तर के कर्मचारी तक फंसते नजर आ रहे हैं।

ये भी पढ़े…

सरकार के कॉमर्शियल माइनिंग के खिलाफ यूनियनों ने 10 जून को विरोध दिवस व 11 को काला दिवस मनाने की घोषणा की

मुख्यमंत्री सचिवालय के आदेश में भी डिजाइन की प्रति डीपीआर के साथ संलग्न न होने का जिक्र है। ऐसे में संचिका न मिलने से निगम के पदाधिकारी सकते हैं। सभी एसीबी जांच शुरू होने से पहले तमाम दस्तावेज दुरुस्त कर लेना चाहते हैं। सूत्र बताते हैं कि पूरे प्रकरण में दो पूर्व नगर आयुक्त मनोज कुमार एवं राजीव रंजन के साथ-साथ कई अभियंता एवं सहायक अभियंताओं की भूमिका की भी जांच होगी। कई सड़कों का एस्टीमेट मौजूदा नगर आयुक्त के कार्यकाल में भी बनाया गया है। दरअसल 14वें वित्त आयोग की राशि से नगर निगम क्षेत्र में 39 पैकेज में कुल 40 सड़कें बनवाई गई हैं। कई सड़कें तो आज तक अधूरी हैं। सरकार ने इंटीग्रेटेड सड़क के प्राक्कलन में 200 करोड़ रुपये के गड़बड़ी का जिक्र करते हुए जांच का जिम्मा एसीबी को दे दिया है। एसीबी 2017 से लेकर 2019 तक बनाई गई इंटीग्रेटेड (नाली, एलईडी लाइट, पेवर ब्लॉक आदि) सड़कों की जांच होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *