150 करोड़ एवं राज्य सरकार की 228 करोड़ की योजनाओं का CM ने किया उद्घाटन व शिलान्यास

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(बोकारो)

बेरमो में पिछरी कोयला खदान, सीसीएल के 150 करोड़ एवं राज्य सरकार की 228 करोड़ की योजनाओं का CM ने किया उद्घाटन व शिलान्यास…..

(ब्यूरो चीफ-बबलु कुमार)बोकारो:- पिछरी खदान के खुलने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। सीसीएल द्वारा सीएसआर फण्ड के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई के क्षेत्र में 150 करोड़ की 15 योजनाओं का शिलान्यास हुआ। राज्य सरकार ने भी 228 करोड़ की 103 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। आज बेरमो के लिए ऐतिहासिक दिन है। ये बातें रघुवर दास ने बेरमो में आयोजित विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास समारोह में कही।जिसमें पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता, वह रह गया अंधेरे में रघुवर दास ने कहा कि यह राज्य का दुर्भाग्य है कि जिस झारखंड, जहां कुदरत ने सबसे अधिक कोयला दिया है। यह दुर्भाग्य है कि जिस झारखण्ड के पास पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता है।वह वहां के 30 लाख लोग 67 साल तक अंधेरे में रहे, यहां गरीबी ने अपना शिकंजा कस लिया। 2014 से पूर्व की सरकारों ने लोगों को बिजली उपलब्ध नहीं करा सकी। राज्य के 30 लाख घरों में अंधेरा था। हमने 2014 के बाद मात्र 5 वर्ष के अंदर 30 लाख घरों में बिजली पहुंचा दी और बंद पड़े कोलमाइन्स को फिर से शुरू किया। यह स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक होगा।18 अक्टूबर को केंद्रीय कोयला मंत्री से हुई बात के बाद मुझे भरोसा हुआ कि अब विस्थापितों के साथ न्याय होगा।हम पहले पुर्नवास फिर विस्थापन के पक्षधर रघुवर दास ने कहा कि विस्थापन पूर्व सरकार की देन है। पूर्व की सरकार ने गरीबों को लूटने का काम किया गया। वर्तमान सरकार ने केंद्रीय कोयला मंत्री से स्पष्ट कहा है कि विस्थापन से पहले पुर्नवास को प्राथमिकता दें।

उन्हें उनकी जमीन का पट्टा दें। ताकि योजनाओं का लाभ उनतक पहुंच सके। वर्तमान सरकार के प्रयासों का ही प्रतिफल है कि विस्थापित परिवार को अब पट्टा मिलना शुरू हो गया। यह 67 वर्ष की गलत नीति का परिणाम है कि हम सिर्फ कोयला बेच रहे हैं। यदि हम कोयला के बदले बिजली बेचते तो आज तस्वीर कुछ और होती। 2014 के बाद से सरकार ने विधुत उत्पादन के दिशा में काम किया। एनटीपीसी के साथ 4000 मेगावाट बिजली उत्पादन का करार हुआ है। 660 और 660 मेगावाट का पावर स्टेशन भी तैयार हो रहा है। अब झारखंड बिजली देने वाला राज्य बनेगा। आज दुनिया सौर ऊर्जा की तरफ जा रही है। सरकार सौर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में बढ़ रही है,उदघाटन एवं शिलान्यास मुख्य रूप से 17 वर्ष बाद पुन: पिछरी कोल माइंस का शिलान्यास, तालाब की खुदाई एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, खेल अकादमी परियोजना का कायाकल्प, चेक डैम निर्माण परियोजना, बागवानी उत्पादन की आधारभूत संरचना एवं विस्तार परियोजना, दूषित जल उपचार संयंत्र एवं सार्वजनिक शौचालय निर्माण परियोजना, सांस एवं फेफड़ों की बीमारी के बचाव हेतु जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविरों संबंधित परियोजना, सफाई हेतु रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीदारी एवं निरंतर उपयोग संबंधित परियोजना, परिधीय गांव में सौर ऊर्जा चालित स्ट्रीट लाइट परियोजना, परिधि गांवों में स्थित स्कूलों की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, पर्यावरण अनुसंधान एवं सस्टेनबिलिटी संस्थान परियोजना, जल संरक्षण प्रणाली निर्माण एवं विकास संबंधित परियोजना, परिधि गांवों में पेयजल हेतु सौर ऊर्जा द्वारा संचालित मोटर पंप एवं बोरवेल परियोजना, किसानों को जल संरक्षण एवं सिंचाई हेतु प्रशिक्षण परियोजना, फुसरो बाईपास रोड परियोजना का शिलान्यास किया गया।वहीं जिला प्रशासन 79 विभिन्न अलग-अलग योजनाओं का 20221.53 लाख की लागत निर्माण का शिलान्यास, 5 योजनाओं का जो 2637.37 लाख की लागत निर्माण का उद्घाटन, विभिन्न 19 योजनाओं में 16532 लोगों के बीच 1760.18 लाख रुपया परिसंपत्ति का वितरण किया गया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कॉल फील्ड लिमिटेड करगली परिक्षेत्र के सीएमडी श्री गोपाल सिंह को पिछरी कोल माइंस को पुनः चालू कर लोगों को रोजगार मुहैया कराने के अवसर प्रदान करने हेतु व सीएसआर के तहत क्षेत्र के में कई विकास कार्यों का शिलान्यास को लेकर धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भू राजस्व खेल एवं पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी, रांची लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय सेठ, विधायक बेरमो योगेश्वर महतो, बोकारो विधायक विरंची नारायण, पूर्व सांसद गिरिडीह अरविंद्र कुमार पांडे, सीसीएल के अध्यक्ष सह् प्रबंधक निदेशक गोपाल सिंह, उप विकास आयुक्त रवि रंजन मिश्रा, अपर समाहर्ता विजय कुमार गुप्ता, जिला प्रशासन के पदाधिकारी व सीसीएल के पदाधिकारी व कर्मचारी सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।NEWSTODAYJHARKHAND.COM

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