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12 साल में पहली बार मानसून की गति इतनी धीमी, अभी तक सिर्फ 10-15 प्रतिशत हिस्से को ही छू सका है। पढ़ें पूरी खबर…….

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नई दिल्ली।

12 साल में पहली बार मानसून की गति इतनी धीमी, अभी तक सिर्फ 10-15 प्रतिशत हिस्से को ही छू सका है। पढ़ें पूरी खबर…….

Image result for 12 साल में पहली बार धीमा मानसूननई दिल्ली। मौसम विभाग के अनुसार 12 साल में यह पहली बार है जब मानसून देश में इतनी धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसकी एक प्रमुख वजह चक्रवात वायु भी है, जिसके कारण मानसून के बादलों की दिशा पर असर पड़ा। जहां आमतौर पर इस समय तक देश के दो-तिहाई हिस्से तक मानसून पहुंच जाता है, वहीं इस बार यह सिर्फ 10-15 प्रतिशत हिस्से को ही छू सका है।

अभी मानसून केरल, कर्नाटका के दक्षिण हिस्से, तमिलनाडु के दो-तिहाई हिस्से और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मॉनसून सिस्टम को फिर से मजबूत होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा।Related image भारतीय मौसम विभाग के डी शिवनंद पई ने कहा हमें उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून कोंकण तट तक पहुंच जाएगा और 25 जून तक महाराष्ट्र का ज्यादातर हिस्सा कवर होगा। जून के अंत तक मध्य भारत का ज्यादार हिस्सा मॉनसून सिस्टम के अंदर आ जाएगा, हालांकि यह शेड्यूल से करीब 15 दिन की देरी से होगा।

बताते चलें कि साल 2007 से लेकर अब तक के मानसून मैप को स्टडी किया गया तो पाया गया कि इतने सालों में यह पहली बार है जब 18-19 जून तक मानसून इतने धीमे आगे बढ़ा है। वहीं बता दें कि साल 2013 में इसकी गति सबसे तेज थी जब 16 जून तक पूरे देश में मानसून पहुंच गया था। मानसून के आने में देरी का सबसे बुरा असर मध्य भारत पर पड़ा है।

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