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114 करोड़ की लागत से बना कोल वाशरी

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न्यूज टुडे




दहिबाड़ी कोल वाशरी का उद्घाटन कोल इंडिया के सचिव सुशील कुमार ने फीता काट व बटन दबाकर किया उद्घाटन करते कोल इंडिया के सचिव सुशील कुमार।

कुमारधुबी।जेएमएम कार्यकर्ताओं द्वारा नियोजन की मांग को लेकर मुख्य गेट के समक्ष विरोध के बीच बीसीसीएल सीवी एरिया में देश की सबसे आधुनिक दहिबाड़ी कोल वाशरी का उद्घाटन कोल इंडिया के सचिव सुशील कुमार ने फीता काट व बटन दबाकर किया। सचिव का स्वागत आदिवासी नृत्य एवं ड्रोन कैमरा के माध्यम से फूल वर्षा कर किया गया।

इस दौरान उन्हें बताया गया कि 114 करोड़ की लागत से बना कोल वाशरी प्रति वर्ष 1.6 मिलियन टन वाशड कोल का उत्पान करेगा। इससे बनने में तीन वर्ष का समय लगा है। बेहतर कोयला शुद्धिकरण के लिए वाशरी को साइक्लोन मैथड से संचालित किया जाएगा। ताकि क्वालिटीयुक्त वाशड कोल का उत्पादन कर देश के स्टील उद्योग में आपूर्ति हो सके। इसके शुरू होने से बीसीसीएल को प्रति वर्ष 126 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। इसमें कुल 155 मजदूर काम कर सकेंगे। दहिबाड़ी कोल वाशरी के निर्माण के लिए 13 हेक्टेयर भूमि का प्रयोग किया गया है। यह पूरी तरह इकोफ्रेंडली होगा। हालांकि कोल वाशरी अभी भी पूरी तरह तैयार नही हुआ है।

कोल इंडिया के सचिव सुशील कुमार ने बताया कि पूरे देश मे 9 कोल वाशरी बनने है। जिसमें से पहला बीसीसीएल द्वारा बनाया गया है। बीसीसीएल को ओर तीन कोल वाशरी बनाने है। यह सरकार के महत्वाकांक्षी योजना है। सरकार की योजना है कि देश मे जितने भी कोकिंग कोल है। उसे वाशड कर स्टील प्लांट में भेजा जाएगा। वही उद्घाटन समारोह का विरोध कर रहे विस्थापितों के नियोजन के सवाल पर कहा कि अगर वे विस्थापित है तो उन्हें विरोध करने की जरूरत नही है। उन्हें उसका उचित मुआबजा मिलेगा।

जेएमएम बैनर के तले विस्थापित का विरोध : नियोजन की मांग को लेकर सुबह से ही जेएमएम के बैनर तले विस्थापित ढोल नगाड़ों के साथ मुख्य गेट पर आकर उद्घाटन का विरोध करने लगे। विस्थापितों का विरोध को देखते हुए स्थानिय प्रशासन एवं जिला प्रशासन धरना स्थल पहुंच विस्थापितों को समझाने का प्रयास किया। मगर विस्थापित मानने को तैयार नही थे। उनसबों का कहना था कि हमसब के साथ कंपनी धूप छांव का खेल रही है। कंपनी जबतक हमसब को नियोजन नही देगा। हमसब एक छटाक कोयला कंपनी में प्रवेश करने नही देंगे।

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