NEWSTODAYJ : धनबाद  जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित धैया निवासी डॉ अभिजीत के निवास स्थान पर नाबालिग घरेलू सहायिका नौकरानी की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। डॉक्टर परिवार का कहना है कि घरेलू सहायिका अनु कुमारी (16 वर्ष) झरिया निवासी थी। जो उनके घर के बाथरूम में फंदे से झूल कर अपनी जान दे दी।वहीं घरेलू सहायिका अनु कुमारी के परिजनों का कहना है कि चिकित्सक के घर पर अनु की गला दबाकर हत्या की गई है। जिसकी जांच होनी चाहिए और हत्यारों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। भले ही उनकी पहुंच कितनी भी ऊपर तक क्यों ना हो?घटना के संबंध में बताया जाता है कि चिकित्सक डॉ अभिजीत झरिया सीएचसी में पदस्थापित है। जबकि घरेलू सहायिका (नौकरानी) अनु कुमारी भी झरिया के धर्मनगर भालगोडा की रहने वाली बताई जाती है। उनके धैया स्थित आवास पर घरेलू सहायिका ने बाथरूम में फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की।

 

 

 

 

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जिसके बाद चिकित्सक डॉ अभिजीत घरेलू सहायिका अनु कुमारी को लेकर मे बारामुडी स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे।जहां चिकित्सकों ने अनू कुमारी को मृत बताते हुए उसे एसएनएमएमसीएच ले जाने को कहा। जिसके बाद चिकित्सक दंपति ने घरेलू सहायिका (नौकरानी) अनू कुमारी के परिजनों को बुलाया और एंबुलेंस के साथ शव को उसके झरिया स्थित आवास पर भेज दिया। उन्होंने परिजन को आत्महत्या कर लेने की बात कही। वही परिजन गला दबाकर हत्या करने की बात कह कर डॉक्टर को संदेह के कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।परंतु अहम सवाल यह है कि अगर घरेलू सहायिका अनु कुमारी ने फंदे से लटक कर जान दी है, तो फिर चिकित्सक दंपति ने मामले की सूचना पुलिस को न देकर शव परिजनों को क्यों सौंपा? यह पूरी घटना को संदेह के घेरे में खड़ा कर रहा है। फिलहाल परिजन झरिया में न्याय दिलाने की गुहार लगा रहे हैं।

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