सांप काटने पर डॉक्टरी इलाज के बजाए कराया झाड़-फूंक, बच्चे की मौत।

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लखीसराय।

सांप काटने पर डॉक्टरी इलाज के बजाए कराया झाड़-फूंक, बच्चे की मौत।

लखीसराय। सांप काटने पर डॉक्टरी इलाज न कराकर झाड-फूंक कराना एक परिवार को भारी पड़ गया। एक बच्चे की सांप काटने के बाद झाड़-फूंक कराने के दौरान हुई देर के कारण मौत हो गयी। मामला बिहार का है। घटना के बारे में बताते चलें कि बिहार के लखीसराय जिले में अंधविश्वास के चलते एक बच्चे की मौत हो गई। दरसअल, सांप काटने से हुई बच्चे की मौत से आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है, वहीं, मां का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। बताया जा रहा है कि मृत बच्चा अपनी मां का एकलौता बेटा था। सांप काटने के बाद बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने के बजाए ओझा से उसका झाड़-फूंक कराया जा रहा था।जानकारी के अनुसार, मामला अभयपुर थाना क्षेत्र के मसुदन गांव का है, यहां रहने वाले व्यास दास की दस वर्षीय पुत्र शिवनंदन सोमवार की रात घर में सो रहा था। इसी बीच रात करीब 12 बजे वह शौच करने के लिए उठा। इस दौरान घर के बाहर शौच करने गए बच्चे को सांप ने काट लिया, जिसके बाद उसके माता- पिता और अन्य परिजन इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाने के बजाए पास के गांव बेनीपुर स्थित महरानी स्थान झाड़ फूंक करवाने ले गए। यहां पूरी रात बच्चे का झाड़ फूंक चलता रहा, लेकिन सुबह तक बच्चे की स्थिति ठीक नहीं होने से माता-पिता घबरा गए। इसके बाद बच्चे को धरहरा पीएचसी ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने मुंगेर सदर अस्तपताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई।

बता दें कि बच्चे के पिता व्यास दास ने बताया की वह मजूदरी का काम करते है। उसे तीन लड़की व एक ही पुत्र था, जिसकी सांप काटने से मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा हम मुर्ख थे, कोई समझाने वाला नहीं था, ग्रमीणों ने बताया कि झाड़- फूंक करने से बच्चे की जान बच जाएगी। इसलिए झाड़-फूंक के चक्कर में फंस गये और इकलौते बेटे की जान से हाथ धोना पड़ा। वहीं घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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