• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

सऊदी अरब की महिलाएं तोड़ रही हैं बुर्का पहनने की परंपरा। पढ़ें पूरी खबर…….

1 min read

रियाद।

सऊदी अरब की महिलाएं तोड़ रही हैं बुर्का पहनने की परंपरा। पढ़ें पूरी खबर…….

रियाद। सऊदी अरब की महिलाएं अब बुर्का पहनने की परंपरा को तोड़ने लगी है। बताते चलें कि सऊदी अरब में कुछ महिलाएं पारंपरिक अबाया (बुर्का) पहनना बंद कर रही हैं। खबर के अनुसार रियाद के एक मॉल में बिना अबाया पहने जब एक महिला गई तो उन्हें आते-जाते घूरती नजरों का सामना करना पड़ा और कुछ ने तो पुलिस बुलाने की धमकी भी दे दी। बताते चलें कि इस्लामिक देश सऊदी अबर में काले रंग का पारंपरिक अबाया पहनना महिलाओं के कपड़े में शुमार है और इसे महिलाओं की पवित्रता के रूप में देखा जाता है। हालांकि कुछ महिलाओं ने सोशल मीडिया पर कपड़े पर इस तरह के प्रतिबंध के खिलाफ आवाज भी उठाई है और अपने अबाया से इतर पोशाक में तस्वीरें भी डाली हैं। यह घटना सऊदी अरब में दुर्लभ ही है। वहीं बताते चलें कि सऊदी अबर में अब कुछ महिलाएं चमकीले रंगों का अबाया सार्वजनिक तौर पर पहन रही हैं।

ये भी पढ़ें- स्कूल छोड़ने के बहाने मंदबुद्धि बच्ची के साथ मुंहबोले चाचा ने किया दुष्कर्म। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर……

मशाल-अल-जालुद ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अब बुर्का पहनना ही बंद कर दिया। 33 वर्षीय जालुद पिछले सप्ताह एक मॉल में ट्राउजर और गहरे गुलाबी रंग के टॉप में दिखी। भीड़ में से कई लोग उन पर सवाल कर रहे थे। जालुद के अलावा 25 वर्षीय मनाहेल-अल ओतैबी ने भी अबाया पहनना छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीने से रियाद में मैं बिना अबाया के रह रही हूं। मैं उसी तरह जीना चाहती हूं, जैसा मैं चाहती हूं। बिना प्रतिबंधों के मैं मुक्त जीना चाहती हूं। किसी को भी मुझे वह पहनने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए, जो मैं चाहती ही नहीं हूं। वहीं जालुद का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट नियम के बिना सुरक्षा के उन्हें खतरा हो सकता है।

NEWSTODAYJHARKHAND.COM

Leave a Reply

Your email address will not be published.

ट्रेंडिंग खबरें