संभावना है कि कभी भी प्रवेश कर सकते हैं बोकारो जिला में टिड्डे- डीडीसी

संभावना है कि कभी भी प्रवेश कर सकते हैं बोकारो जिला में टिड्डे- डीडीसी

NEWSTODAYJ (संवाददाता-बबलु कुमार)बोकारो:- ऐसी संभावना है कि टिंडों का दल बोकारो में कभी भी प्रवेश कर सकता है। इन टिंडों का दल फसलों को भारी तबाही मचा सकता है अतः इस को ध्यान में रखते हुए विभागीय निदेश के आलोक में उप विकास आयुक्त बोकारो रवि रंजन मिश्रा ने जिले के वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी तथा जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की ताकि बोकारो जिला में टिंडों के आक्रमण पूर्व तैयारी पूर्ण किया जा सके। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निदेश दिया है कि जल्द से जल्द प्रखंड स्तर पर मुखिया तथा कृषक मित्रो के साथ बैठक कर टिड्डों के हमले के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करें ताकि इन टिंडों के फैलाव को रोका जा सके। जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा सभी प्रखंडों में कम से कम एक वाहन दिया जाएगा ताकि कीटनाशक छिड़काव में समस्या नही आये। कोविड 19 के लिए क्रय किये गए सैनिटाइजर मशीन का भी आवश्यकता पड़ने पर प्रयोग किया जा सकता है। पेटरवार, कसमार, गोमिया तथा चंद्रपुरा में जहाँ किसानों द्वारा गरमा फसल लगाया गया है उसे बचाने के लिए पूर्व तैयारी करने का निदेश दिया गया है। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि सभी जिला कृषि पदाधिकारी अपना व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का प्रयास करें ताकि समय पर सूचना का संचरण हो सके साथ ही पश्चिम दिशा की ओर पड़ोसी राज्यों के सटे जिले से भी संपर्क कर स्थिति एवं तैयारियों पर सम्पर्क कर जानकारी लेने को कहा गया।

जिला प्रशासन की ओर से बोकारो जिला वासियों के लिए तथा किसानों के लिए टिंडों से बचाव हेतु एक एडवाइजरी भी निम्न रूप से जारी की गई :-

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1. राज्य के किसानों द्वारा रबी फसल की कटाई कर ली गई है तथा खरीफ फसल की तैयारी की जा रही है। अभी तत्काल खेतों में सब्जी तथा कुछ छिट-पुट क्षेत्रों में गर्मा की फसल लगी है। टिड्डियों के आक्रमण की स्थिति में इन फसलों को नुकसान होने का खतरा रहता है।

2. झारखंड में बेमौसम वर्षा से मिट्टी में नमी उपलब्ध है। भूमि में उलब्ध यह नमी टिड्डियों के अण्डा देने हेतु अनुकूल परिस्थिति बनाती है। अतः जमीन की जोताई मिट्टी पलटने वाले हल से कर देने पर ये अण्डे नष्ट हो जाते हैं।

3. टिड्डियों के आक्रमण की स्थिति में पाम्परिक उपाय य़था- धुँआ करके तथा ढोल, नगाड़े, बर्तन आदि पीटकर उनके शोर से इन कीटों को भगाया जा सकता है। धुँआ करने हेतु खाली खेत में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर सूखे खरपतवार एवं पौधा अवशिष्ट की ढेरी तैयार रखनी चाहिए ताकि टिड्डियों के आक्रमण की स्थिति में इन ढेरियों में आग लगाकर धुँआ उत्पन्न किया जा सके।

4. सूर्यास्त के बाद ये कीट एक स्थान पर बैठ जाते हैं। ये पेड़ों अथवा झाड़ियों में रात्रि विश्राम हेतु बैठते हैं। इनके बैठने की जगह पर निम्नलिखित रसायनिक कीटनाशी के छिड़काव कर इन पर नियंत्रण किया जा सकता हैः-

★ फसलों, बबूल एवं अन्य पेड़ों पर टिड्डी नियंत्रण हेतु सीआईबीआरसी द्वारा अनुमोदित कीटनाशी का प्रयोग किया जा सकता है। जिसमें क्लोरोपाइरीफॉस 20% ईसी का प्रयोग होपर्स के लिए 240 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 240 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही इस कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से होपर्स हेतु 1.2 लीटर तथा एडल्ट हेतु 2.4 मिली प्रति लीटर की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।why Tiddi Dal Came to India From Pakistan, know actual reason ...

★ क्लोरोपाइरीफॉस 50% ईसी का प्रयोग होपर्स के लिए 240 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 240 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 480 मिली लीटर तथा एडल्ट हेतु 01 मिली प्रति लीटर की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।

★ डेल्टामेथ्रिन 2.8% ईसी का प्रयोग होपर्स के लिए 12.5 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 12.5 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 450 मिली लीटर तथा एडल्ट हेतु 01 मिली प्रति लीटर की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।

★ डेल्टामेथ्रिन 1.25% ईसी का प्रयोग होपर्स के लिए 12.5 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 12.5 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 200 मिली लीटर की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।

★ डाईफ्लूबेंजूरोन 25% डब्लूपी का प्रयोग होपर्स के लिए 60 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 240 मिली लीटर की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।Locust Attack Badly Timed Serious Infestation And Possibility Of ...

★ फिप्रोनिल 5% एससी का प्रयोग होपर्स के लिए 6.25 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 6.25 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 125 मिली लीटर तथा एडल्ट हेतु 0.25 मिली प्रति लीटर की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।

★ फिप्रोनिल 2.92% एससी का प्रयोग होपर्स के लिए 6.25 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 6.25 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 216 मिली लीटर तथा एडल्ट हेतु 0.45 मिली प्रति लीटर की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।

★ लैम्बडा साईहेलोथ्रिन 05% ईसी का प्रयोग होपर्स के लिए 20 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 20 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 410 मिली लीटर तथा एडल्ट हेतु 01 मिली प्रति लीटर की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।

★ लैम्बडा साईहेलोथ्रिन 10% डब्लूपी का प्रयोग होपर्स के लिए 20 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 20 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 200 मिली लीटर तथा एडल्ट हेतु 0.5 ग्राम की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।

★ मैलाथिसान 50% ईसी का प्रयोग होपर्स के लिए 925 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 925 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 1.850 मिली लीटर तथा एडल्ट हेतु 3.7 मिली प्रति लीटर की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।

★ मैलाथिसान 25% डब्लूपी का प्रयोग होपर्स के लिए 925 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर तथा एडल्ट के लिए 925 ग्राम सक्रिय घटक प्रति हेक्टेयर की मात्रा में किया जा सकता है। इसके साथ ही होपर्स हेतु उक्त कीटनाशी के फॉर्मूलेशन की मात्रा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 3.7 मिली लीटर तथा एडल्ट हेतु 7.4 ग्राम की मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है।

5. उपरोक्त सभी रसायनिक कीटनाशी अत्यंत विषैले तथा दाहक प्रकृति के हैं। अतः उनके छिड़काव के समय सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें।

★ छिड़काव के समय सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें।

★ मुंह पर मास्क लगाएं, आँखों पर चश्मा पहनें, पैरों में गम बूट पहनें।

★ सिर पर कैप लगाएं, हाथों में दस्ताने पहने एप्रिन पहनकर छिड़काव करें।

★ छिड़काव के समय हवा की दिशा का विशेष ध्यान रखें।

★ छिड़काव करने वाले स्थान पर पानी के स्रोत एवं जानवरों का विशेष ध्यान रखें।

★ वर्तमान में कोविड-19 के खतरे से बचने हेतु उक्त उपायों के अलावा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए हाथ, मुंह आदि साबुन से बार-बार धोना चाहिए तथा एक जगह भीड़ के रूप में एकत्रित नहीं होना चाहिए।

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