श्रावणी मेला होगा या नहीं होगा यह एक यक्ष प्रश्न बनकर सामने अभी खड़ा है वर्षों पुरानी परंपरा पर ब्रेक लगना तय…

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NEWSTODAYJ देवघर : श्रावणी मेला होगा या नहीं होगा यह एक यक्ष प्रश्न बनकर सामने अभी खड़ा है वर्षों पुरानी परंपरा पर ब्रेक लगना तय है लेकिन कुछ शर्तों के साथ स्थानीय लोगों को श्रावणी मेला में बाबा भोले के दर्शन होंगे यह भी तब तय होगा जब 3 जुलाई को हाई कोर्ट का फैसला सामने आएगा हालांकि झारखंड सरकार ने 31 जुलाई तक सभी मंदिरों को बंद रखने का निर्देश जारी कर चुकी है आज देवघर के समाहरणालय सभागार में डीसी नैंसी सहाय ने जिले के एसपी पीयूष पांडे एसडीओ विशाल सागर सहित तमाम पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूरे सावन महीने के दौरान विधि व्यवस्था को कंट्रोल रखने के लिए था देवघर डीसी नैंसी सहाय ने बताया कि अभी तक राज्य सरकार के आदेश का पालन किया जा रहा है.

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और देवघर बाबा मंदिर को पूर्णता बंद रखा गया है और यह नियम तब तक लागू रहेगा जब तक कोर्ट अपना कोई फैसला ना दे दे श्रावणी मेला के आयोजन होने और नहीं होने दोनों की शर्तों में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखना जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है फिलहाल मंदिर खोलने पर प्रतिबंध है ऐसे में बिहार से आने वाले यात्रियों को रोकना और मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं का जमावड़ा नहीं होने देने का जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है जिसको लेकर तमाम तैयारियां की गई है जिला प्रशासन ने मुख्यालय को 4000 पुलिस बलों और दंड अधिकारियों की जरूरत है जो कि मेला नहीं लगने के बावजूद भी विधि व्यवस्था को कायम रखने के लिए देवघर जिला प्रशासन को जरूरत है समाजिक दूरी का पालन कराना और विधि व्यवस्था को कंट्रोल में रखने के लिए कम से कम 4000 जिला बल की जरूरत है देवघर डीसी ने कहा है कि जिला प्रशासन ने श्रावणी मेला को लेकर अब तक कोई तैयारी नहीं की है फिलहाल राज्य सरकार के आदेश के आलोक में ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही है 3 जुलाई को कोर्ट का फैसला आने के बाद जिला प्रशासन कोर्ट के आदेश को मानते हुए दिशा निर्देशों का पालन करेगी देवघर डीसी ने कहा कि फिलहाल जिला प्रशासन मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था सामाजिक दूरी का पालन करना और बिहार झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में बाहरी श्रद्धालुओं को देवघर में प्रवेश करने से रोकने के लिए है।

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इसके अलावा लगातार पुजारी समुदाय और स्थानीय लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वह अपने अरमानों को देवघर ना भुलाए साथ ही अपने घरों में रहकर ही पूजा-पाठ करें इसके अलावा डीसी ने सभी बीडीओ और सीओ को आदेश दिया है कि वह अपने अपने क्षेत्रों में विधि व्यवस्था को दुरुस्त रखें साथ ही सीमाओं पर पड़ने वाले सभी थाना और अंचल कार्यालय बाहरी तीर्थ यात्रियों को देवघर में आने से रोके गौरतलब है कि 5 जुलाई को सावन मेले का उद्घाटन होना था और 6 जुलाई से श्रावणी मेला की शुरुआत हो जाएगी लेकिन तैयारियां शून्य है गोंडा सांसद निशिकांत दुबे ने हाईकोर्ट में मेला कराने को लेकर पीआईएल कर दिया है जिसका फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रखा है अब यह फैसला 3 जुलाई को आएगा जिस पर पुजारी व्यवसाई और स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की निगाहें टिकी हुई है।

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